प्रखंड क्षेत्र में वर्षों से गरीबों और जरूरतमंदों के हक का मुफ्त राशन डकार रहे संपन्न लोगों के खिलाफ जिला आपूर्ति विभाग ने बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है। विभाग की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के अपात्र राशन कार्डधारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रखंड क्षेत्र के लगभग 658 राशन कार्डधारियों को कार्ड निरस्त करने की सूची में डाला गया है, जिनकी फिलहाल गहन जांच चल रही है। हैरानी की बात यह है कि जो राशन बेहद गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए था, उसे चार पहिया वाहन मालिक, सरकारी कर्मचारी और सालाना लाखों की कमाई करने वाले लोग भी उठा रहे थे। विभाग द्वारा तैयार की गई जांच सूची के तहत कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सरकारी नौकरी वाले 4 कार्डधारी : चार पहिया वाहन मालिक- 50 कार्डधारी, आयकर भरने वाले 149 कार्डधारी, भारी ग्रॉस टर्नओवर वाले कारोबारी 10 कार्डधारी शामिल हैं। इन सभी चिह्नित मामलों की फिलहाल बारीकी से जांच की जा रही है और पुष्टि होते ही इनके कार्ड रद्द कर दिए जाएंगे। अपात्र राशन कार्डधारियों के संबंध में जानकारी देते हुए प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सकलदीप कुमार ने बताया कि सूची में दर्ज सभी संदिग्ध कार्डों की भौतिक जांच जारी है। जांच पूरी होते ही अपात्र पाए जाने वाले सभी कार्डों को निरस्त होगी। विभाग की ओर से बड़ा एक्शन लिए जाने से पहले सभी अपात्र कार्डधारी स्वतः अपना राशन कार्ड विभाग में सरेंडर कर दें। यदि आपूर्ति विभाग की फिल्टर प्रक्रिया और जांच में किसी अपात्र का नाम आता है, तो न केवल उनका राशन कार्ड तुरंत रद्द किया जाएगा, बल्कि अब तक उठाए गए अनाज और सरकारी सुविधाओं की बाजार दर पर रिकवरी (वसूली) भी की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर शुरू हुई इस सख्ती से यह उम्मीद जगी है कि जल्द ही फर्जीवाड़े का खात्मा होगा और जरूरतमंदों को उनका वाजिब हक मिल सकेगा।
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