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नए विश्वविद्यालय एक्ट से उच्च शिक्षा व्यवस्था में आएगी रफ्तार : शिक्षा...




उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित दो दिनी वीसी कांफ्रेंस के अंतिम दिन विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक ढांचे, नए विवि अधिनियम, प्रस्तावित स्टैच्यूट, क्लस्टर सिस्टम, विवि सेवा आयोग, वित्तीय प्रबंधन, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। समापन सत्र में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि नए एक्ट और स्टैच्यूट को बहुत सोच-समझकर तैयार किया गया है और इससे विश्वविद्यालयों में निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी। झारखंड का जीआईआर अभी 18.8 है, जिसे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने छात्र संघ चुनाव को लेकर भी साफ संदेश दिया। कहा, कैंपस में किसी राजनीतिक दल का रंग नहीं दिखना चाहिए। पढ़ाई से कटे छात्र केवल चुनाव लड़ने के उद्देश्य से कैंपस राजनीति में न आएं। इससे पहले प्रधान सचिव राहुल पुरवार ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य नए एक्ट के अनुरूप बनने वाले स्टैच्यूट और प्रशासनिक ढांचे पर सुझाव लेना था। कांफ्रेंस में नए विवि एक्ट के तहत तैयार किए जा रहे स्टैच्यूट व रेगुलेशन के प्रारूप पर कुलपतियों, कुलसचिवों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सुझाव दिए। यह बात सामने आई कि कई प्रशासनिक और वित्तीय मामलों में अब वित्त सलाहकार (एफए) की भूमिका अधिक प्रभावी होगी। वित्तीय मामलों को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए फीस संग्रह सहित कई प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने पर जोर दिया गया। 4 वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूरा करने वाले छात्रों के लिए एक वर्षीय पीजी कोर्स के नामांकन का के लिए अभी तक रेगुलेशन नहीं बना है। इस पर विभाग ने कहा कि मामला संज्ञान में है।



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