Last Updated:
Ranchi Success Story: रांची की रहने वाली इशिता ने मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ छोटे चार्म का बिजनेस शुरू की हैं. अब उनकी मासिक आय घर बैठे ही ₹60,000 से अधिक है और बेंगलुरु-चेन्नई से भी ऑर्डर आते हैं. इसके साथ ही आज उन्होंने खुद 4 लोगों को रोजगार दी हैं.
रांची: झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली इशिता एक समय पुणे की एक मल्टीनेशनल कंपनी में लाखों रुपए की नौकरी करती थी, लेकिन उन्होंने इस नौकरी को 5 साल पहले ही छोड़ दिया. कोरोना के समय जब वह घर आई तो उन्होंने छोटे-छोटे चार्म बनाना शुरू किया. चार्म छोटे-छोटे ऑब्जेक्ट होते हैं, जैसे छोटे-छोटे मेटल के खूबसूरत फुटबॉल, क्रिकेटर्स का इमेज, मोमो, बर्गर. यह सब स्टाइलिश तरीके से छोटे-छोटे मेटल के बने होते हैं.
जो लोग अपने सहूलियत के अनुसार अपनी चाबी रिंग में, अपने फ्रिज में, अपने कॉपी में लगाने का काम करते हैं. यह एक छोटा-छोटा सिंबल होता है. उन्होंने बताया कि आज हमारे साथ 4 लोग काम कर रहे हैं और सारा आइडिया मेरा अपना होता है. आज महीने की कमाई 60,000 के ऊपर है. इंस्टाग्राम से बेंगलुरु व चेन्नई तक से आर्डर आते हैं. आइये जानते हैं इशिता की सफलता के बारे में.
2000 से अधिक हैं वैरायटी
इशिता बताती हैं कि हमारे पास आपको 2000 से अधिक वैरायटी के चार्म देखने को मिलेंगे. मान लीजिए, आपका कोई दोस्त है. जो रोनाल्डो और मेसी का फैन है तो आप उनको मेटल का छोटा सा फोटो दे सकते हैं. इसे चार्म कहते हैं. यह इस चाबी रिंग में लगा सकते हैं, अपने फ्रिज में चिपका सकते हैं. अपनी कॉपी में लगा सकते हैं, अपनी गाड़ी में लगा सकते हैं. चाहे लॉकेट बनाकर पहन सकते हैं.
कुछ लोग बहुत खाने के शौकीन होते हैं. उनके लिए खाने के छोटे-छोटे चार्म आप उनको एक लॉकेट के रूप में बनाकर दे सकते हैं. अपने कपड़ों व अपने जींस में लगाने के लिए इस तरह के चार्म का प्रयोग महिलाएं बहुत करती है. अपने हैंडमेड में लगाने के लिए लेती है. हमारे पास सब यूनिक है. जो हमने खुद बनवाया है. एक चार्म की कीमत ₹300 से शुरू होकर ₹1000 तक जाती है.
सोशल मीडिया को बनाया हथियार
इशिता ने बताया कि यह यूनीक आइडिया उन्होंने बड़ो शहरों मे देखा. वहां उन्होंने यह देखा कि इन सब छोटे-छोटे चीजों का बहुत क्रेज है. इसके बाद उन्होंने सोचा क्यों न रांची को भी इससे रूबरू कराया जाए. इंस्टाग्राम पर पेज बनाया और वहां पर छोटे-छोटे वीडियो अपने प्रोडक्ट के अपलोड करना शुरू किया. अब आलम यह है कि मुझे रांची से भी ज्यादा बेंगलुरु, चेन्नई व मुंबई जैसे शहर से आर्डर आते हैं. एक महीने में आराम से 500 से अधिक आर्डर आ जाते हैं. पहले वह खुद नौकरी कर रही थी. अब आलम ये है कि 4 से 5 लोगों को रोजगार दे रही हैं.
About the Author
बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से Hindi.News18.com<…
और पढ़ें