भास्कर न्यूज|गुमला एडीजे- चार संजीव भाटिया की अदालत में नाबालिग के साथ दुष्कर्म का दोषी जारी प्रखंड के सिकरी निवासी अमित कुजूर को पाक्सो एक्ट की धारा चार एवं छह के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं दोनों धाराओं में 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दो-दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ सकती है। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सुधीर टोप्पो थे। बताते चलें कि 20 अगस्त 2017 की शाम आरोपित अमित कुजूर ने एक चार वर्षीय बच्ची को अकेला पाकर उठा लिया। उसने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। इस दौरान बच्ची रोते हुए अपने घर जा रही थी। तभी दिव्यांग लेपड़ा खेरवार उसे उसके घर पहुंचा दिया। इस पर बच्ची के स्वजन ने दिव्यांग लेपड़ा खेरवार को दुष्कर्म का आरोपित समझकर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी थी। इसके बाद लेपड़ा तीन वर्ष तक जेल में रहा। इधर घटना के बाद आरोपित अमित कोलकाता भाग गया था। तीन साल बाद अमित गांव आया। वह एक और बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास कर रहा था। ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। इस दौरान आरोपित ने अपराध स्वीकार किया। उसने कहा कि तीन वर्ष पूर्व उसने उसी बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था, जिसके आरोप में लेपड़ा जेल में बंद है। जब यह मामला कोर्ट पहुंचा, तब कोर्ट ने वर्ष 2020 में लेपड़ा को जमानत दे दी थी। अदालत ने लेपड़ा को बाइज्जत बरी किया।
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