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Ajab Gajab News: एक अनोखे धार्मिक आयोजन में एक युवती का विवाह भगवान शालीग्राम के साथ वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया. इस विवाह में सभी पारंपरिक हिंदू रस्में, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान पूरे विधि-विधान से किए गए. यह आयोजन सनातन परंपराओं और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना गया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया. शालीग्राम भगवान विष्णु का स्वरूप माने जाते हैं और कई धार्मिक परंपराओं में उनके साथ प्रतीकात्मक विवाह का विशेष महत्व बताया जाता है. इस अनोखे विवाह को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे, जिससे यह आयोजन चर्चा का विषय बन गया.
जयपुर ग्रामीण क्षेत्र की ग्राम पंचायत बस्सी-नागा स्थित चौलाई की ढाणी में एक अनोखा और आस्था से सराबोर दृश्य देखने को मिला. जन्म से दिव्यांग और ईश्वर भक्ति में लीन 21 वर्षीय युवती रीनू यादव का विवाह पूरे रीति-रिवाज के साथ भगवान शालीग्राम महाराज के साथ किया गया है. रीनू ने शालीग्राम जी को अपना सर्वस्व और पति परमेश्वर मानते हुए जीवनभर उनकी सेवा और आराधना करने का संकल्प लिया है.
मूल रूप से जालसू क्षेत्र के खपरिया गांव निवासी जगदीश यादव और संती देवी की पुत्री रीनू बचपन से ही अपने ननिहाल बस्सी-नागा में रह रही हैं., रीनू के इस अलौकिक प्रेम और दृढ़ आस्था को देखते हुए उनके नाना रामस्वरूप धोलीवाल और नानी मानी देवी की इच्छा पर परिजनों ने यह आध्यात्मिक विवाह किया है.
विवाह उत्सव की शुरुआत भव्य लग्न टीका कार्यक्रम के साथ हुई. लक्ष्मीनाथ मंदिर से गाजे-बाजे के साथ भगवान शालीग्राम जी की बारात रवाना हुई, जो मुरली मनोहर मंदिर होते हुए चौलाई की ढाणी में रामस्वरूप धोलीवाल के निवास पहुंची. बारात के आगमन पर परिजनों व ग्रामीणों ने गर्मजोशी से स्वागत किया और बारातियों को प्रीतिभोज कराया गया.
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तत्पश्चात पंडित अमित गौड़ के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच तोरण और विवाह की अन्य सभी रस्में विधि-विधान से पूरी की गईं. रीनू ने अपने मामा कालूराम-मामी उर्मिला देवी और मामा महेश-मामी सीता देवी की मदद से भगवान शालीग्राम के साथ फेरे लिए.
विवाह के बाद रीनू अब ननिहाल में रहकर ही प्रभु भक्ति में लीन रहेंगी. रीनू की भक्ति और संयम की कहानी हर किसी को हैरत में डाल देती है. परिजनों के अनुसार 21 वर्षीय रीनू ने जन्म से लेकर आज तक कभी भी अन्न ग्रहण नहीं किया है. वह चौबीस घंटे में केवल सुबह और शाम एक-एक कप दूध का ही सेवन करती हैं.
जब विवाह मंडप में नाना रामस्वरूप धोलीवाल और नानी मानी देवी ने कन्यादान की रस्म अदा की, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें खुशी और भावुकता से भर आईं. आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने रीनू को नवदंपति की तरह आशीर्वाद और उपहार दिए. इस अवसर पर इस विवाह में शामिल हुए लोगों ने रीनू को 51 हजार रुपये का कन्यादान प्राप्त हुआ.