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यह म्यांमार राष्ट्रपति की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है. म्यांमार के नेता के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है जिसमें कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हैं. म्यांमार भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम पड़ोसी देशों में से एक है और वह उग्रवाद प्रभावित नगालैंड तथा मणिपुर सहित कई पूर्वोत्तर राज्यों के साथ 1,640 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है.
पीएम मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.
नई दिल्ली. भारत और म्यांमार ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के साथ ही व्यापार, निवेश, संपर्क (कनेक्टिविटी), विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण, सुरक्षा और सीमा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है. सोमवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में हुई विस्तृत वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की.
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार में शांति और संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में भारत हर तरह की मदद को तैयार है. उन्होंने संघीय शासन व्यवस्था और आर्थिक विकास के अनुभव साझा करने की भी बात कही. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’, ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘महासागर’ नीतियों के अनुरूप भारत हमेशा म्यांमार का सहयोग करता रहेगा.
आंग ह्लाइंग इस समय भारत की पांच दिवसीय यात्रा पर हैं. उनकी भारत यात्रा म्यांमा में संसदीय चुनावों के बाद उनके राष्ट्रपति बनने के दो महीने से भी कम समय में हो रही है. ये चुनाव सत्ताधारी सैन्य जुंटा के खिलाफ वर्षों से जारी विरोध प्रदर्शनों के बाद पिछले साल दिसंबर और इस साल जनवरी में हुए थे. सैन्य जुंटा ने एक फरवरी, 2021 को तख्तापलट करके आंग सान सू ची की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को उखाड़ फेंका था.
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति की बातचीत व्यापक रही और दोनों देशों ने शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि भारत म्यांमार के लिए एक भरोसेमंद पड़ोसी और संकट के समय में पहला सहयोगी है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच बहुआयामी संबंधों को और गहराई देगी.
इससे पहले रविवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने उनसे मुलाकात की थी, जबकि 30 मई को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी उनसे बातचीत की थी और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की बात कही थी. राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने अपनी भारत यात्रा की शुरुआत बिहार के बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना से की थी.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें