झारखंड में आम प्रतियोगी छात्र लाइब्रेरी के कोनों और हॉस्टलों के छोटे-छोटे कमरों में एक अदद सरकारी नौकरी के लिए अपना जीवन खपा रहे हैं, लेकिन सिस्टम के भीतर बैठे अफसरों और दागी एजेंसियों ने मिलकर भर्ती व्यवस्था को पारिवारिक जागीर बना डाला था। जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में हुई धांधली की जांच कर रहे अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने विशेष न्यायालय में दाखिल अपनी चार्जशीट में ऐसे चौंकाने वाले दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए हैं, जिसने पूरे परीक्षा तंत्र की साख पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। सीआईडी चार्जशीट के अनुसार, भर्ती प्रक्रियाओं में रसूख और सांठगांठ का ऐसा खेल चला कि मुख्य अभियुक्त अभय कुमार तिवारी का पूरा कुनबा जिस परीक्षा में बैठा, वहीं चमत्कारी रूप से सफल होता चला गया। यही नहीं, परीक्षाओं में सेटिंग के इस नेटवर्क के बदले वेंडर एजेंसी टीडीपीएल के पैसों पर अफसरों व आरोपियों के पूरे परिवार ने ठाठ से मुफ्त हवाई यात्राओं का लुत्फ उठाया। चार्जशीट के अनुसार मुख्य अभियुक्त अभय कुमार तिवारी ने खुद जेएसएससी स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा (पीजीटीटीसीई 2023) में अंतिम रूप से चयनित होकर सफलता पाई। इसके बाद जेएसएससी संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (सीजीएल 2023) में उसने राज्य भर में 48वीं रैंक हासिल की और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (बीएसओ) के पद पर चयनित हुआ। उसने जेपीएससी खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी (एफएसओ) की लिखित परीक्षा पास कर साक्षात्कार में उपस्थिति दर्ज कराई, जेपीएससी सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) प्रारंभिक परीक्षा पास की और जेपीएससी उपखंड पदाधिकारी (एफएओ) की प्रारंभिक परीक्षा में भी सफलता पाई। उसकी पत्नी सुषमा कुमारी ने 14वीं झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा पास की। उसने जेपीएससी सीडीपीओ प्रारंभिक परीक्षा और जेएसएससी सीजीएल 2023 में भी सफलता हासिल की। सीआईडी ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं। संबंधित एयरलाइंस के अभिलेखों और टीडीपीएल के बैंक खातों से साफ हो गया है कि तमाम टिकटों का भुगतान वेंडर एजेंसी के खातों से ही किया गया था। इंडिगो एयरलाइंस के रिकॉर्ड के अनुसार, विक्रम मेघवाल (पति), श्वेता गुप्ता और टीडीपीएल के निदेशक रामबीर सिंह ने 28 मई 2026 को फ्लाइट से रांची से हैदराबाद की एक साथ यात्रा की थी। इसकी पुष्टि रामबीर और श्वेता के बीच हुई वॉट्सऐप चैट से हुई है। परिवार में नौकरियों की यह रेवड़ी यहीं नहीं थमी। मुख्य अभियुक्त के भाई अक्षय कुमार तिवारी ने 14वीं झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा पास करने के साथ ही जेएसएससी सीजीएल 2023 में भी सफलता पाई। वहीं साले सौरव कुमार ने भी 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में बाजी मार ली। सीआईडी के अनुसार, इस सफलता के पीछे परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसियों की अंदरूनी मिलीभगत थी। सीआईडी जांच में गिव एंड टेक का कच्चा-चिट्ठा सामने आ गया है। सरकारी पद पर रहते हुए अपने अधीन काम करने वाली एजेंसी टीडीपीएल से अपने और अपने परिजनों के लिए 10 बार निजी हवाई यात्रा के टिकट करवाकर अवैध लाभ उठाया गया। सीआईडी ने इसे पद के दुरुपयोग और भ्रष्ट आचरण का खुला प्रमाण माना है।
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