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Palamu To Get Center Of Excellence: झारखंड सरकार ने पलामू के राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में ₹23 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को मंजूरी दी है. इससे तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और पलामू के साथ ही राज्य के अन्य शहरों के छात्र भी फायदा उठा सकेंगे.
पलामू. सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई पहल की जा रही हैं. इसी क्रम में झारखंड सरकार ने पलामू को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी है. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने बसौरा स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय (GEC) में लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) स्थापित करने की स्वीकृति दी है. इस परियोजना पर अगले पांच वर्षों तक कुल 22 करोड़ 97 लाख 31 हजार 238 रुपये खर्च किए जाएंगे. इससे न सिर्फ पलामू, बल्कि पूरे झारखंड के तकनीकी छात्रों को आधुनिक तकनीकों की पढ़ाई और उद्योगों के हिसाब से प्रशिक्षण मिल सकेगा.
छात्रों को मिलेंगे तमाम अवसर
कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजय कुमार ने लोकल18 को बताया कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), डेटा साइंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर आधारित लैब और रिसर्च सेंटर विकसित किए जाएंगे. साथ ही सस्टेनेबल एवं रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नोलॉजी पर भी आधुनिक प्रयोगशालाएं और विशेष कोर्स शुरू किए जाएंगे. इससे छात्रों को उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण, शोध और नवाचार का बेहतर अवसर मिलेगा.
कहां कितने करोड़ खर्च होंगे
परियोजना के तहत सिविल कंस्ट्रक्शन एंड टाउन प्लानिंग के लिए करीब 11.87 करोड़ रुपये, डेटा साइंस, AI एवं मशीन लर्निंग के लिए 3.73 करोड़ रुपये, रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन के लिए 3.36 करोड़ रुपये तथा सस्टेनेबल एंड रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नोलॉजी के लिए 2.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इन विभागों में आधुनिक लैब, नए कोर्स और आवश्यक तकनीकी संसाधन विकसित किए जाएंगे.
दूसरे शहरों के छात्र भी ले सकेंगे लाभ
राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार सिंह ने बताया कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनने के बाद जीईसी बसौरा झारखंड के कई सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों का हब इंस्टीट्यूशन बनेगा. यहां गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक रांची, विमेंस पॉलिटेक्निक रांची, गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक लातेहार, जमशेदपुर, आदित्यपुर और सिमडेगा के छात्र गर्मी की छुट्टियों के दौरान प्रशिक्षण लेकर नई तकनीकों और विशेष कोर्स का लाभ उठा सकेंगे.
मिल चुकी है सरकार की मंजूरी
कॉलेज में वर्तमान में सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई होती है. एक वर्ष में कुल 349 सीटों पर नामांकन होता है और चार बैचों में लगभग 1,396 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं, जिनमें करीब 222 छात्राएं शामिल हैं. अक्टूबर 2023 में भेजे गए प्रस्ताव को अब सरकार की मंजूरी मिल चुकी है.
इसके लिए पहले सेक्शन-8 कंपनी के तहत GEC Innovation and Incubation की स्थापना की जाएगी. इस संबंध में कॉलेज के सभी विभागाध्यक्षों और शिक्षकों को कार्यशाला के माध्यम से जानकारी भी दी गई. कॉलेज प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना झारखंड में तकनीकी शिक्षा, शोध, नवाचार और रोजगार के नए अवसरों को मजबूत करेगी.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …
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