बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने जानकारी साझा करते हुए दावा किया है कि बलूचिस्तान के चाघाई जिले के दश्त गोरान इलाके में पाकिस्तानी सेना के साथ हुई भीषण लड़ाई में एक कैप्टन समेत 20 सैन्यकर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हुए. BLA ने यह भी कहा है कि इस लड़ाई में उसके दो लड़ाके मारे गए, जिन्हें संगठन ने अपने लिए शहीद बताया है.
BLA के प्रवक्ता आजाद बलूच की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, संगठन के लड़ाकों ने 31 अगस्त की शाम करीब 6 बजे दश्त गोरान के नादिराबाद इलाके में नाकाबंदी और अचानक जांच अभियान शुरू किया था. इसी दौरान पाकिस्तान की सेना के आठ वाहनों का एक काफिला वहां पहुंचा. BLA के अनुसार, स्थानीय डेथ स्क्वॉड के कुछ लोग भी पाकिस्तानी सेना की मदद कर रहे थे.
बता दें, पाकिस्तान का चाघाई जिला बलूचिस्तान में स्थित है और 1998 में परमाणु परीक्षणों के बाद दुनिया के नक्शे पर खास पहचान बना. 28 मई 1998 को पाकिस्तान ने चाघाई जिले के रास कोह पहाड़ियों में भूमिगत परमाणु परीक्षण किए थे. इसके दो दिन बाद 30 मई को एक और परमाणु परीक्षण किया गया. इसी वजह से चाघाई का नाम पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम से गहराई से जुड़ा हुआ है.
आठ वाहनों के काफिले को घेरा
BLA ने कहा कि युद्ध की रणनीति के तहत उसके लड़ाकों ने अलग-अलग जगहों पर मोर्चा संभाला और पाकिस्तानी सेना पर जोरदार हमला शुरू किया. संगठन के मुताबिक, उसके लड़ाकों ने लगातार हमले करते हुए पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान पहुंचाया.
प्रेस रिलीज के अनुसार, पाकिस्तानी सेना के चार वाहन BLA के लड़ाकों की घेराबंदी में आ गए. संगठन ने दावा किया कि इन वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा और उनमें सवार सभी सैन्यकर्मी मारे गए. BLA ने कहा कि हमले में रॉकेट और आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिससे पाकिस्तानी सैनिकों को वहां से निकलने का मौका नहीं मिला.
संगठन के मुताबिक, उसके एक लड़ाके ने रॉकेट से पाकिस्तानी सेना के एक वाहन को निशाना बनाया और उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया. BLA ने दावा किया कि इस हमले से पाकिस्तानी सेना के नुकसान में और बढ़ोतरी हुई.
BLA के अनुसार, बाद में नष्ट हुए वाहन को क्रेन की मदद से वहां से उठाकर ले जाया गया.
Source: Baloch Liberation Army
कैप्टन उबैद के मारे जाने का दावा
BLA ने दावा किया कि इस हमले में पाकिस्तानी सेना के 20 सैन्यकर्मी मारे गए. इनमें कैप्टन उबैद (147/LC, पूर्व में 69/PR, 60/W) भी शामिल थे.
संगठन ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तानी सेना अपने मारे गए सैनिकों और अधिकारियों की वास्तविक संख्या को छिपाती रही है. BLA का आरोप है कि इस लड़ाई में भी पाकिस्तानी सेना ने अपने मारे गए और घायल सैन्यकर्मियों तथा सैन्य साजो-सामान के नुकसान की वास्तविक संख्या सार्वजनिक नहीं की है.
शाम 6:30 बजे से सुबह 4 बजे तक चली लड़ाई
BLA के मुताबिक, दश्त गोरान में यह लड़ाई शाम करीब 6:30 बजे से सुबह 4 बजे तक रुक-रुककर चलती रही. संगठन का दावा है कि इस दौरान पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा और उसे एक बड़ी हार का सामना करना पड़ा.
प्रेस रिलीज में कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना देर रात तक अपने क्षतिग्रस्त वाहनों और घायल सैन्यकर्मियों को इलाके से निकालती रही. BLA ने स्थानीय लोगों के हवाले से दावा किया कि दर्जनों एंबुलेंस घटनास्थल से मारे गए सैन्यकर्मियों के शवों को लेकर जाती रहीं.
BLA ने यह भी कहा कि लड़ाई के दौरान पाकिस्तानी सेना को ड्रोन की मदद भी मिली.
BLA के दो लड़ाकों की मौत
BLA ने इस लड़ाई में अपने दो लड़ाकों की मौत की भी जानकारी दी है. संगठन ने संगत नासिर उर्फ बाबा और संगत बशीर उर्फ शौकत को अपने लिए शहीद बताया.
संगठन के मुताबिक, दोनों ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ लड़ाई में हिस्सा लिया और अपनी जान गंवाई.
संगत नासिर उर्फ बाबा कौन थे?
BLA के बयान के अनुसार, संगत नासिर उर्फ बाबा का संबंध बलूचिस्तान के मंगुचर इलाके से था. वह 2014 में BLA में शामिल हुए थे. संगठन ने उन्हें बेहद बहादुर और मेहनती लड़ाका बताया है।
BLA के मुताबिक, उन्हें युद्ध के मैदान में विशेष कौशल हासिल था. संगठन का दावा है कि अपने 12 साल के संघर्ष के दौरान उन्होंने शोर परोद, नागाहो, चाघाई और दल्बंदिन इलाकों में कई महत्वपूर्ण और निर्णायक लड़ाइयों में अहम भूमिका निभाई.
BLA ने कहा कि दुश्मन के खिलाफ लड़ाई में उनके योगदान और साहस को संगठन हमेशा याद रखेगा.
संगत बशीर उर्फ शौकत की भी मौत
BLA के अनुसार, दूसरे मारे गए लड़ाके संगत बशीर उर्फ शौकत का संबंध कलात जिले के गज़ग इलाके से था. उन्होंने 2015 में BLA के माध्यम से संगठन की गतिविधियों में हिस्सा लेना शुरू किया था.
संगठन ने दावा किया कि बशीर ने बलूचिस्तान के नरमक, नागाहो, चाघाई, सारून और शोर परोद समेत कई इलाकों में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ अभियानों में हिस्सा लिया. BLA ने उन्हें अपने लड़ाकों के अभियानों में आगे रहकर भूमिका निभाने वाला लड़ाका बताया.
संगठन ने कहा कि बशीर की बहादुरी, रणनीति और अपने गृहक्षेत्र के लिए बलिदान देने की भावना बलूच युवाओं के लिए मार्गदर्शन का काम करेगी.
BLA ने संघर्ष जारी रखने की बात कही
प्रेस रिलीज के अंत में BLA ने कहा कि वह बलूचिस्तान से पाकिस्तानी सेना की पूरी वापसी तक और बलूचिस्तान की आजादी हासिल होने तक अपना संघर्ष और अधिक तीव्रता के साथ जारी रखेगा. यह पूरा दावा BLA के प्रवक्ता आजाद बलूच की ओर से जारी प्रेस रिलीज पर आधारित है.