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पाकिस्तान में मचेगी तबाही? जम्मू-कश्मीर के डोडा में दुलहस्ती बांध से छोड़ा...


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PAK में मचेगी तबाही? दुलहस्ती से छोड़ा गया पानी, चिनाब नदी में बढ़ा जलस्तर

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दुलहस्ती बांध से पानी छोड़ने के बाद चिनाब नदी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. नदी के किनारे रहने वालों को वहां से हटने के लिए कहा गया है. वहीं, पाकिस्तान में भी परेशानी बढ़ रही है क्योंकि चिनाब नदी में पानी बढ़ने से पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.

PAK में मचेगी तबाही? दुलहस्ती से छोड़ा गया पानी, चिनाब नदी में बढ़ा जलस्तरZoom

चिनाब नदी में पानी का लेवल बढ़ गया है.

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के डोडा में दुलहस्ती बांध से पानी छोड़े जाने से पहले चिनाब नदी के किनारे अलर्ट जारी किया गया है. ऐसे मामलों में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि इसका पाकिस्तान पर कितना असर पड़ सकता है? इसका प्रभाव परिस्थितियों और पानी छोड़े जाने की मात्रा पर निर्भर करता है.

चिनाब नदी भारत से निकलकर पाकिस्तान में प्रवेश करती है और वहां पंजाब के बड़े हिस्से की सिंचाई व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है. जब दुलहस्ती जैसे जलविद्युत परियोजना से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जाता है, तो उसका प्रवाह कुछ घंटों बाद नीचे की ओर बढ़ता हुआ पाकिस्तान तक पहुंच सकता है. हालांकि, सामान्य परिस्थितियों में इस तरह पानी छोड़ना बांध के संचालन, बिजली उत्पादन, जलाशय के जलस्तर या भारी बारिश के कारण जल प्रबंधन का नियमित हिस्सा होता है.

अगर अचानक बहुत अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जाए, तो पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में नदी का जलस्तर अस्थायी रूप से बढ़ सकता है. इससे निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका रहती है, खासकर तब जब पहले से ही भारी बारिश हो रही हो. दूसरी ओर, यदि पानी नियंत्रित तरीके से छोड़ा जाता है, तो इसका प्रभाव सीमित रहता है और यह सामान्य नदी प्रवाह का हिस्सा माना जाता है.

यह भी समझना जरूरी है कि दुलहस्ती एक रन-ऑफ-द-रिवर (Run-of-the-River) जलविद्युत परियोजना है. इसका उद्देश्य लंबे समय तक बड़ी मात्रा में पानी रोककर रखना नहीं, बल्कि बहते पानी से बिजली पैदा करना है. इसलिए इस परियोजना की जल भंडारण क्षमता सीमित होती है और यह किसी बड़े बहुउद्देशीय जलाशय की तरह लंबे समय तक पानी रोककर या अचानक विशाल मात्रा में छोड़कर नदी के प्रवाह को बहुत लंबे समय तक नियंत्रित नहीं कर सकती.

पाकिस्तान पर इसका सबसे बड़ा असर अल्पकालिक जलप्रवाह में उतार-चढ़ाव के रूप में हो सकता है. यदि वहां की स्थानीय प्रशासनिक एजेंसियां पहले से सतर्क हों, तो संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है. यही कारण है कि भारत में भी चिनाब नदी के किनारे रहने वाले लोगों को पहले से अलर्ट जारी किया जाता है, ताकि वे नदी के पास न जाएं और किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके.

इसलिए, केवल दुलहस्ती बांध से पानी छोड़े जाने की खबर के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर बाढ़ या गंभीर संकट पैदा हो जाएगा. इसका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि कितना पानी छोड़ा गया, मौसम की स्थिति क्या है, नदी में पहले से कितना प्रवाह है और डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में जल प्रबंधन की स्थिति कैसी है.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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