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पाकुड़ जिला मुख्यालय के लोटामारा गांव में डीबीएल कंपनी की कोयला अनलोडिंग साइडिंग के करीब तीन दर्जन कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। उन्होंने 12 मांगों को लेकर काम बंद किया। कर्मचारियों में ऑपरेटर, चालक और रोड साइडिंग मजदूर शामिल हैं। कर्मचारियों ने डीसीएम, पीएफ और ईपीएफओ ऑनलाइन करने समेत अन्य मांगों को लेकर नारेबाजी की। मौके पर मौजूद हलधर साह, अकमान शेख और सुनील पाठक ने कहा कि उन्हें 30 हजार रुपए वेतन देने का वादा किया गया था, लेकिन अब 25 से 26 हजार रुपए ही मिल रहे हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें सुविधाएं और सुरक्षा उपकरण नहीं दिए जाते। सुरक्षा नियमों का पालन नहीं होता। विरोध करने पर काम से निकालने की धमकी दी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें समय पर वेतन और ठीक से खाना नहीं मिलता। कर्मचारियों के मुताबिक, कंपनी के प्रतिनिधियों से कई बार बातचीत हुई, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला। दीपावली नजदीक होने के बावजूद बोनस नहीं दिया गया। कर्मचारियों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। हड़ताल की सूचना पर डीबीएल कंपनी का एक प्रतिनिधिमंडल मौके पर पहुंचा और कर्मचारियों से बातचीत की, लेकिन वार्ता सफल नहीं हुई। कंपनी के एजीएम विनोद सिंह ने कहा कि कुछ समस्याएं थीं और उन्हें सुलझाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जल्द समाधान का भरोसा दिया।
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