भास्कर न्यूज | चतरा शहर में एक बार फिर पेयजल संकट गहरा गया है। पिछले तीन दिनों से नगर क्षेत्र में पेयजलापूर्ति पूरी तरह ठप रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में भी शहरवासियों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। घरों में दैनिक उपयोग के लिए पानी की कमी होने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। कई परिवार निजी साधनों, हैंडपंप और अन्य वैकल्पिक स्रोतों से पानी जुटाने को मजबूर हैं।शहर की पेयजलापूर्ति हेरु डैम से की जाती है। लगातार हो रही बारिश के कारण डैम का पानी अत्यधिक मटमैला हो गया है, जिससे जल शोधन संयंत्र के संचालन में तकनीकी समस्या उत्पन्न हो गई। पानी में मिट्टी की मात्रा अधिक होने के कारण मशीनों में गाद जमा हो गई, जिसके चलते जलापूर्ति रोकनी पड़ी ।लगातार तीसरे दिन जलापूर्ति बंद रहने से लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान इसी तरह की समस्या सामने आती है, जिससे शहरवासियों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से ऐसी स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि बारिश के समय भी पेयजलापूर्ति बाधित न हो और शहरवासियों को बार-बार जल संकट का सामना न करना पड़े। ^बारिश के कारण हेरु डैम का पानी काफी मटमैला हो गया था। पानी में मिट्टी का अंश अधिक रहने से शोधन संयंत्र की मशीनों में गाद जमा हो गई थी। मशीनों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया है और अब संयंत्र फिर से संचालन के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार से शहर में नियमित पेयजलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी।^ -कमल कुमार , कनीय अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल ।
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