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रांची यूनिवर्सिटी में पीएचडी कोर्स में एडमिशन और रिसर्च संचालन को लेकर बड़ा प्रशासनिक विरोधाभास सामने आया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दो साल पहले पीएचडी एंट्रेंस को लेकर जारी नोटिफिकेशन में दावा किया गया था कि पीएचडी कोर्स में नामांकन अब यूजीसी के रेगुलेशन-2022 के तहत होगा। इस रेगुलेशन को विश्वविद्यालय द्वारा स्वीकार किए जाने की बात कही गई थी। लेकिन इस नोटिफिकेशन के दो साल बीत जाने के बाद भी स्थिति यह है कि यूनिवर्सिटी में पीएचडी कोर्स पुराने यूजीसी रेगुलेशन-2009 के आधार पर ही संचालित किए जा रहे हैं। यानी विश्वविद्यालय ने नए नियम लागू होने की घोषणा तो कर दी, लेकिन उसके अनुरूप न ऑर्डिनेंस बदला गया, न विभागीय प्रक्रिया और न ही शोधार्थियों को नए प्रावधानों का लाभ मिला। यह मामला इसलिए भी गंभीर हो गया है, क्योंकि पीएचडी महत्वपूर्ण शोध कार्यक्रम में समय सीमा, थीसिस जमा करने की अवधि, शोध पंजीकरण और अकादमिक प्रक्रिया सीधे छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़ी होती है। एक जनवरी 2024 के नोटिफिकेशन से बनी भ्रम की स्थिति
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा एक जनवरी, 2024 को पीएचडी कोर्स में एडमिशन के लिए आवेदन आमंत्रित करते हुए एक नोटिफिकेशन जारी किया गया था। इस नोटिफिकेशन में स्पष्ट उल्लेख किया गया कि रांची विश्वविद्यालय द्वारा यूजीसी रेगुलेशन-2022 को स्वीकार कर लिया गया है। इसलिए इसी नियम के तहत पीएचडी एडमिशन और शोध कार्य उसी के तहत संचालित होगा। लेकिन यह नोटिफिकेशन कागजों तक सिमटा रहा। नियमों के कड़ाई से पालन के लिए लोकभवन से जारी हुआ था पत्र नोटिस के अनुसार नहीं बदला नियम इस नोटिफिकेशन के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने न तो अपने पुराने पीएचडी ऑर्डिनेंस में संशोधन किया और न ही विभागों को नए नियमों के अनुरूप संचालन का स्पष्ट निर्देश दिया। परिणाम यह हुआ कि कागज पर नया नियम लागू दिखता रहा, जबकि व्यवहार में पुरानी व्यवस्था ही जारी रही। विश्वविद्यालय में अभी पुराने नियम के अनुसार ही पीएचडी रिसर्च हो रहा है। उठ रहे कई सवाल
1. आरयू में पीएचडी रेगुलेशन को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि रांची यूनिवर्सिटी में कौन सा नियम लागू है- 2009 या 2022 का? 2. यूजीसी रेगुलेशन 2022 के अनुसार क्या पीएचडी कोर्स में एडमिशन के लिए एकेडमिक काउंसिल और सिंडिकेट स्वीकृति के साथ अन्य प्रक्रिया पूरी की गई थी? 3. बिना संशोधन के पीएचडी कोर्स में एडमिशन के लिए नया नोटिस कैसे लागू कर दिया गया? क्या इसके लिए आदेश जारी किया गया था?
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