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राजधानी में कारोबारियों से रंगदारी वसूलने के लिए अपराधियों ने तरीका बदल लिया है। अब वे सिर्फ फोन या मैसेज से धमकी देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पैसे के लिए कारोबारियों के प्रतिष्ठानों, घरों और रिश्तेदारों को भी निशाना बना रहे हैं। रंगदारी नहीं मिलने पर फायरिंग और हत्या तक की घटनाएं करा रहे हैं। पुलिस गिरोह के सदस्यों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। मुठभेड़ में शूटरों को गोली लग रही है और उन्हें जेल भेजा जा रहा है, लेकिन अपराध कम नहीं हो रहा। इसकी बड़ी वजह यह है कि पुलिस गिरोह के सदस्यों तक तो पहुंच रही है, लेकिन सरगना अब भी गिरफ्त से बाहर हैं। सरगना दूसरे राज्य या जिले में छिपकर गिरोह चला रहे हैं। वे 20 से 30 साल के युवाओं को पैसे का लालच देकर अपने नेटवर्क में शामिल कर रहे हैं। एक शूटर को हर महीने 40 हजार रुपए तक सैलरी देने का लालच दिया जा रहा है। इसके बाद उसे चिह्नित कारोबारी के ठिकाने पर फायरिंग करने का टास्क मिलता है। पैसे के लालच में युवा इस जाल में फंस जाते हैं और वारदात के बाद पुलिस की गिरफ्त में पहुंच जाते हैं। इधर, सरगना फिर से नए युवकों को जोड़कर अपना नेटवर्क मजबूत करते रहते हैं। शूटर पकड़े जा रहे, सरगना का ‘यूज एंड थ्रो’ मॉडल जारी रंगदारी वसूली के लिए संगठित गिरोह के सरगनाओं ने नया मैकेनिज्म अपनाया है। पुलिस से बचने के लिए वे दूसरे राज्य या जिले में शरण लेकर शूटरों से कारोबारियों के ठिकानों पर फायरिंग करा रहे हैं। इस मॉडल में सरगना शूटरों के साथ ‘यूज एंड थ्रो’ की नीति अपना रहे हैं। वारदात कराने के बाद उनके पुलिस के हत्थे चढ़ जाने पर परवाह नहीं करते और गिरोह में नए युवकों को शामिल कर लेते हैं। इस तरह रंगदारी का नेटवर्क चलता रहता है। इन कारोबारियों को निशाना बना रहे गिरोह जमीन कारोबारी, कोयला कारोबारी, ईंट और बालू व्यवसायी, होटल व रेस्टोरेंट संचालक, दवा व्यवसायी, जेवर व्यवसायी, डॉक्टर। 4 प्रमुख कारण…क्यों सक्रिय हैं गिरोह? इन पर पहली बार रंगदारी से जुड़ा मामला दर्ज सौरभ कुमार : 30 अक्टूबर को धुर्वा थाना क्षेत्र स्थित सीठियो में हुई पुलिस मुठभेड़ में राहुल दुबे गिरोह के सौरभ के पैर में गोली लगी। इससे पहले वर्ष 2023 में धुर्वा थाने में मारपीट के आरोप का केस दर्ज हुआ था। मोहित पासवान : राहुल दुबे गिरोह के अपराधी मोहित कुमार को कांके पुलिस ने रिंग रोड से गिरफ्तार किया। मोहित पर कोयला कारोबारी के घर हुए फायरिंग कांड में शामिल रहने का आरोप है। यह उस पर पहला केस है। आदित्य कुमार उर्फ कुंदन : 30 अक्टूबर को कांके में कोयला कारोबारी के घर हुई फायरिंग के बाद राहुल दुबे गिरोह के अपराधी कुंदन को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इस पर पहले से हत्या के प्रयास का एक केस दर्ज है।
एक साल में पुलिस से छह जगह मुठभेड़ सिटी एसपी की अपील: गैंग के बहकावे में न आएं युवा सिटी एसपी पारस राणा ने युवाओं से अपराधी गिरोहों के बहकावे में नहीं आने की अपील की है। कहा कि गिरोह के सरगना कम उम्र के युवाओं का इस्तेमाल ‘यूज एंड थ्रो’ की तरह कर रहे हैं। नए युवाओं को तरह-तरह के प्रलोभन देकर गिरोह में शामिल कर उनका करियर बर्बाद कर देते हैं, क्योंकि वारदात के बाद वे पुलिस की कार्रवाई में पकड़े जाते हैं। रांची पुलिस ने लोगों से असामाजिक तत्वों से दूर रहने और उनके बहकावे में नहीं आने की अपील की है।
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