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Birsa Agriculture University: बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी रांची में कम फीस पर स्टूडेंट कृषि, हॉर्टिकल्चर, फॉरेस्ट्री आदि की पढ़ाई कर सकते हैं. यहां के प्लेसमेंट सेल के हेड बीके झा के अनुसार सरकारी विभाग, बैंक, इसरो, डीआरडीओ, नेस्ले, ब्रिटानिया में जॉब के मौके मिलते हैं. आइये जानते हैं यहां कैसे एडमिशन मिल सकता है.
रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से कृषि वैज्ञानिक की पढ़ाई कर सकते हैं. हॉर्टिकल्चर से लेकर फॉरेस्ट डिपार्मेंट और कई सारे यहां पर डिपार्टमेंट है. आप अपने इंटरेस्ट के अनुसार चयन कर सकते हैं. यहां के प्लेसमेंट सेल के हेड बीके झा ने बताया कि किस तरीके से आप यहां एडमिशन ले सकते हैं और किस सेक्टर में जॉब पाने का यहां पर अवसर है. आइये जानते हैं सबकुछ.
बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में प्लेसमेंट सेल के हेड बीके झा ने लोकल 18 को बताया कि सरकारी विभाग में कृषि वैज्ञानिक की काफी जरूरत रहती है. इसके अलावा बैंकिंग से लेकर इसरो में आज कृषि वैज्ञानिक की जरूरत पड़ती है और आज इस कॉलेज के बच्चे इसरो में जॉब कर रहे हैं. लोगों को लगता है कि डॉक्टर और इंजीनियर में सिर्फ स्कोप है, लेकिन कृषि में इतना स्कोप है जितना आप सोच भी नहीं सकते हैं.
सरकारी विभाग को है आपकी जरूरत
• बीके झा बताते हैं कि सबसे पहली बात तो सेंट्रल गवर्नमेंट से लेकर स्टेट गवर्नमेंट में कृषि का विभाग बहुत ही बड़ा होता है. उसमें कई सारे पदाधिकारी की जरूरत पड़ती है. यह सबसे बड़ा विभाग है. यहां पर पशुपालन से लेकर डायरी विभाग, मछली विभाग से लेकर हॉर्टिकल्चर हर विभाग के लिए पदाधिकारी की जरूरत पड़ती है. यहां पर आप आसानी से अप्लाई कर सकते है. इसके अलावा ग्रामीण बैंक से लेकर हर बैंक में कृषि एक्सपर्ट की जरूरत पड़ती है.
• बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में आप अपने इंटरेस्ट के अनुसार विभाग का चयन कर सकते हैं. पशुपालन, हॉर्टिकल्चर , मशरूम यूनिट, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, फॉरेस्ट्री डिपार्मेंट, एग्रीकल्चर टूल्स, सॉइल डिपार्मेंट जिसको भी आपका इंटरेस्ट है. आप उसका चयन कर सकते है. यहां पर एक सेमेस्टर की फीस महज 6000 से 7000 रुपये है.
• इसके अलावा जितने भी बोर्ड होते हैं. जैसे टी बोर्ड ऑफ इंडिया, कॉफी बोर्ड व फूड प्रोसेसिंग इंडस्टरीज होते हैं, जैसे बच्चे चिप्स व कुकीज़ खाते हैं, जितने भी पैकेट फूड हैं. यह सब फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के तहत है और उसके बड़ी-बड़ी कंपनी जैसे नेस्ले, ब्रिटानिया, हिंदुस्तान युनिलीवर के रास्ते आपके लिए आसानी से खुल जाएंगे.
• इसके अलावा डीआरडीओ व इसरो जैसे बड़े संस्थान में जाने का मौका मिलेगा. क्योंकि, वहां भी कृषि एक्सपर्ट की जरूरत पड़ती है, जो भी सैटेलाइट बनते हैं, उसमें एग्रीकल्चर को क्या फायदा पहुंचेगा. उसके लिए कृषि एक्सपर्ट और कृषि वैज्ञानिक ही रहते हैं आज यहां के बच्चे वहां भी काम कर रहे हैं.
• जहां तक बात एडमिशन की तो सीयूईटी के तहत एडमिशन मिल सकता है. इसके अलावा झारखंड कंबाइंड इंट्रस टेस्ट होता है. इन दोनों के तहत की एडमिशन मिल सकता है. तीसरा कोई विकल्प नहीं है, एकदम मेरिट के आधार पर और यहां पर होस्टल की भी फैसिलिटी है. ऐसे में खासतौर पर ऐसे किसान के बच्चे हैं जो कृषि को बहुत अच्छे से समझ पाते हैं, उच्च पढ़ाई भी करना चाहते हैं और अच्छा विकल्प तलाश रहे है. उनके लिए यह क्षेत्र काफी बढ़िया है.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें