![]()
रिम्स की अंत्येष्टि सहायता योजना पूरी तरह से फेल हो गई है। इस योजना के तहत रिम्स में इलाज के दौरान मौत होने पर अंतिम संस्कार के लिए तत्काल 5000 रुपए देने की व्यवस्था है। लेकिन पिछले चार महीनों से इसका भुगतान नहीं किया जा रहा है। रिम्स में ऐसे आवेदनों के ढेर लगे हैं। ऐसे में जिस उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई थी, अब वह औचित्यहीन हो गई है। रिम्स में पिछले चार महीने जुलाई से अक्टूबर के बीच करीब 3700 लोगों की इलाज के दौरान मौत हुई है। इनके आवेदन जमा हैं। इन परिवारों को मिलने वाली राशि करीब डेढ़ करोड़ रुपए पर पहुंच गई है। भास्कर की पड़ताल में पता चला कि इस योजना की शुरुआत फरवरी के अंत में हुई थी। शुरुआती चरण में दो-तीन किस्त में इस मद में करीब एक करोड़ रुपए का फंड उपलब्ध कराया गया। इसके बाद से रिम्स के पास फंड ही नहीं है। हर दिन औसतन 25 मौतें, सहायता के लिए इंतजार कर रहे परिवार रिम्स में रोजाना औसतन 25 मरीजों की मौत होती है। ऐसे में अंत्येष्टि सहायता योजना के तहत बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं। लेकिन भुगतान की व्यवस्था नियमित नहीं होने से सहायता का उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है। योजना के तहत 5 हजार रुपए की राशि तत्काल देने का प्रावधान इसलिए किया गया था, ताकि अस्पताल में मौत के बाद आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अंतिम संस्कार की व्यवस्था कर सकें। लेकिन उन्हें चार-चार महीने का इंतजार करना पड़ रहा है। तीन केस स्टडी से समझिए योजना का हाल नौ अगस्त को हुई मौत, अब तक पैसे नहीं मिले रांची के चुटिया निवासी 40 वर्षीय दीपक भुइयां की 9 अगस्त को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। प|ी ललिता देवी ने अंत्येष्टि योजना के लिए आवेदन दिया। ललिता का कहना है कि वे बेहद गरीब परिवार से है। पति ही एकमात्र कमाने वाले थे। दो बार राशि का पता लगाने के लिए रिम्स जा चुकी हैं। पैसे कब मिलेंगे, इसका सही जवाब नहीं मिल रहा। संजय ने 31 अगस्त को दम तोड़ा, अब तक इंतजार रामगढ़ के कुजू के रहने वाले 36 वर्षीय संजय कुमार की मौत 31 अगस्त को रिम्स में इलाज के दौरान हो गई। संजय मल्टीपल बीमारी से ग्रस्त था। मौत के ही दिन प|ी सीता देवी ने आवेदन देकर सहायता राशि भुगतान की गुहार लगाई। पति के निधन के दो माह से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन सहायता राशि का भुगतान अबतक नहीं हुआ है। दो माह पहले मौत, पैसे कब मिलेंगे, पता नहीं धनबाद के रहने वाले अबरार हुसैन की मौत 27 अगस्त को रिम्स में इलाज के दौरान हुई थी। प|ी राशीदा खातून ने उसी दिन सहायता राशि के लिए आवेदन जमा किया। लेकिन राशि का भुगतान अबतक नहीं हुआ है। परिजन करीब एक सप्ताह पहले भी रिम्स पहुंचकर जानकारी जुटा रहे थे कि पैसे मिलेंगे या नहीं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलता।
Source link