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Sugar Price : 2 महीने पहले तक चीनी के भाव 70 रुपये से भी ऊपर पहुंच चुके थे, लेकिन अब चीनी की कीमत काफी हद तक काबू में आ चुकी है. उद्योग संगठन ने बताया कि इस साल अब तक चीनी का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 4 गुना बढ़ चुका है. महाराष्ट्र में तो चीनी मिलों का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले करीब 10 गुना बढ़ गया है.
महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 136 चीनी मिलों में उत्पादन शुरू हो चुका है.
नई दिल्ली. कुछ दिनों पहले तक जब चीनी के दाम 70 रुपये किलोग्राम थे, तो ऐसा लग रहा था कि त्योहारों पर मिठाई खाना मुश्किल हो जाएगा. लेकिन, सरकार की तैयारियों इतनी जबरदस्त रहीं कि न सिर्फ चीनी का भाव नीचे आया, बल्कि उत्पादन भी इस साल अब तक चार गुना बढ़ चुका है. चीनी उत्पादन मिलों के संगठन ईस्मा ने बताया है कि देश में विपणन वर्ष 2026-27 में अब तक चीनी का उत्पादन चार गुना बढ़कर 12.85 लाख टन रहा. पिछले महीने गन्ने की पेराई का सत्र जल्दी शुरू होने से उत्पादन में यह वृद्धि हुई है.
उद्योग संगठन ने बताया कि 5 नवंबर, 2026 तक देशभर की 184 चीनी मिलों में पेराई का काम शुरू हो चुका है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 154 मिलों में पेराई शुरू हुई थी. चालू सत्र में अब तक 12.85 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है, जबकि पिछले साल इसी तारीख तक 3.20 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था. उत्पादन में यह वृद्धि मुख्य रूप से महाराष्ट्र में पेराई का काम जल्दी शुरू होने और अन्य प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में धीरे-धीरे मिलों के चालू होने के कारण हुई है.
महाराष्ट्र में 136 मिलें शुरू
महाराष्ट्र में पांच नवंबर तक 136 चीनी मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है और वहां 10.78 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है. पिछले साल इसी अवधि में 101 मिलों में पेराई शुरू हुई थी और 1.23 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था. इसका मतलब है कि इस राज्य में तो चीनी का उत्पादन 10 गुना बढ़ गया है. दूसरे नंबर पर काबिज यूपी में पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों की 19 मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है. इन मिलों ने अब तक 20 हजार टन चीनी का उत्पादन किया है.
दिवाली बाद और भी मिलें होंगी शुरू
ईस्मा ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ज्यादातर बची हुई मिलों में अगले कुछ दिनों में पेराई शुरू होने की उम्मीद है, जबकि मध्य उत्तर प्रदेश की बाकी मिलें दिवाली के तुरंत बाद चालू हो सकती हैं. इस्मा के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा कि पिछले सत्र के लगभग 36 लाख टन बचे हुए भंडार और नए सत्र में उत्पादन बढ़ने के साथ देश घरेलू चीनी की जरूरतों को पूरा करने की अच्छी स्थिति में है. उन्होंने कहा कि घरेलू खपत की जरूरतों को पूरा करने के लिए देश में पर्याप्त चीनी स्टॉक उपलब्ध है और उद्योग घरेलू बाजार में इसकी पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश करेंगे.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…