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बलिया के जगदीशपुर समेत कई कॉलोनियों में बिजली-पानी की किल्लत, यहां एक...


बलिया: दिन में चिलचिलाती धूप और रात की उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. इस बीच अगर पानी भी न मिले, तो परेशानी कितनी बढ़ जाती है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. आपको बताते चलें कि इस भीषण गर्मी में जगदीशपुर समेत कई कॉलोनियां जल संकट से जूझ रही हैं. पानी के बिना घरेलू कामकाज भी समय से नहीं हो पा रहा है. ऊपर से बिजली विभाग की लापरवाही ने जनता की समस्या को दोगुना कर दिया है. धरातल पर जनता त्रस्त है और बेपरवाह नगर पालिका मस्त है.

तीन से चार दिनों से पानी की स्थिति बहुत बदतर

जगदीशपुर निवासी रितेश श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशासन को ग्राउंड पर ध्यान देने की जरूरत है. हालांकि, प्रार्थना पत्र देने का भी अब कोई मतलब नहीं रह गया है, क्योंकि कोई सुनवाई ही नहीं होती. पिछले तीन से चार दिनों से पानी की स्थिति बहुत बदतर हो गई है. एक हैंडपंप के सहारे हजारों लोगों का काम चल रहा है.

भागमनी देवी ने भावुक होकर कहा कि पानी की बहुत समस्या है. गर्मी इतनी है कि पूरे शरीर में घमौरियां निकल आई हैं. अभी कुछ दिनों पहले आंख का इलाज हुआ है, ऐसे में नल चलाना बड़ी चुनौती है. इस स्थिति में यह बुजुर्ग महिला कैसे नल चलाएं, स्नान करें और घर के लिए पानी ढोकर लाएं? उन्होंने बताया कि मजबूरी में नल चलाना पड़ता है, जिससे बांह में बहुत दर्द होता है. उक्त महिला की उम्र 65 वर्ष हो चुकी है.

मिनरल वाटर खरीदकर काम चला रहा है

बबलू ने कहा कि इस समय जगदीशपुर समेत कई कॉलोनियां जल संकट से जूझ रही हैं. इस समस्या पर किसी का ध्यान नहीं है. एक हैंडपंप है, जिसे चलाते-चलाते हालत खराब हो जाती है. इस जल संकट से कम से कम 5 से 6 हजार की आबादी प्रभावित है. जिसके पास पैसा है, वह मिनरल वाटर खरीदकर काम चला रहा है और जो गरीब हैं, वे तमाम समस्याओं का सामना कर रहे हैं. हर गर्मी में यही हाल होता है. गर्मी बीतते ही अधिकारी और जनता सब भूल जाते हैं.

आशा ने कहा कि कई दिनों से पानी की समस्या बनी हुई है. मजबूरी में चापाकल (हैंडपंप) से काम चलाना पड़ रहा है. पानी के बिना अब स्थिति असहनीय होती जा रही है. ऊपर से बिजली भी हर समय परेशान कर रही है. कभी भी बिजली सही से नहीं मिल रही है.

बिजली ने भी कर रखा है परेशान

छोटी बच्ची सृष्टि ने कहा कि मम्मी चापाकल चलाती हैं, तभी वह नहा पाती हैं. गर्मी बहुत ज्यादा है. बच्ची पसीने से तरबतर हो जाती है और बिजली भी बहुत कम आ रही है.

प्रिया ने कहा कि पानी की बहुत ज्यादा दिक्कत है. ऊपर से बिजली भी नहीं रह रही है. रात में उमस भरी गर्मी, बिजली कटौती और पानी की कमी लोगों को बहुत परेशान कर रही है. सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे-छोटे बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है. रात में गर्मी की वजह से बच्चे रोने लगते हैं.



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