भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

बासमती चावल, राजमा, छोले, कढ़ी और मट्ठा… मात्र ₹50; जमशेदपुर में यहां...


Last Updated:

जमशेदपुर के प्रवीण पाल सिंह ने एमएनसी की नौकरी छोड़कर स्टार्टअप शुरू किया. वे काशीडीह गोलचक्कर के पास कार की डिक्की में फूड काउंटर लगाते हैं. उनके ‘सरदारजी Yum’ काउंटर पर राजमा-चावल, छोले और कढ़ी की थाली मिलती है. इस स्वादिष्ट थाली की कीमत मात्र ₹50 है. एक घंटे में सारी प्लेटें बिक जाती हैं.

ख़बरें फटाफट

जमशेदपुर: आज के दौर में जहां अधिकतर लोग बड़ी कंपनियों में नौकरी को सुरक्षित भविष्य मानते हैं. वहीं जमशेदपुर के रहने वाले प्रवीण पाल सिंह ने एक अलग रास्ता चुना. कई वर्षों तक एमएनसी और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में काम करने के बाद उन्होंने अपनी स्थायी नौकरी छोड़कर अपने जुनून को ही अपना व्यवसाय बना लिया. खाने-पीने के शौकीन प्रवीण ने अपने स्टार्टअप ‘सरदारजी Yum’ की शुरुआत की और आज यह नाम शहर के फूड लवर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.

प्रवीण रोजाना दोपहर के समय काशीडीह गोलचक्कर के समीप अपनी कार लेकर पहुंचते हैं. फॉर्मल कपड़ों में आने वाले प्रवीण जैसे ही अपनी कार की डिक्की खोलते हैं, वहां से निकलने वाली खुशबू लोगों को अपनी ओर खींच लेती है. उनकी कार किसी छोटे से फूड काउंटर में बदल जाती है. जहां लोगों को घर जैसा स्वाद और साफ-सुथरा भोजन मिलता है.

उनके मेन्यू में बासमती चावल, राजमा, छोले, कढ़ी और ठंडा-ठंडा मट्ठा शामिल होता है. सबसे खास बात यह है कि इतनी स्वादिष्ट और भरपूर थाली की कीमत केवल ₹50 रखी गई है. कम कीमत और शानदार स्वाद के कारण लोगों की भीड़ लग जाती है. स्थिति यह होती है कि लगभग 100 प्लेट भोजन एक घंटे के भीतर ही समाप्त हो जाता है.

प्रवीण पाल सिंह ने क्या कहा?
प्रवीण बताते हैं कि उनका उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं है, बल्कि लोगों तक घर के खाने जैसा स्वाद पहुंचाना है. उन्होंने कहा, “मैं हमेशा से अच्छा खाना पसंद करता रहा हूं. गुरुद्वारों में मिलने वाले लंगर से मुझे बहुत प्रेरणा मिली है. वहां का भोजन सादगी, सेवा और प्रेम का प्रतीक होता है. मैं उसी भावना को अपने भोजन में उतारने की कोशिश करता हूं, ताकि लोगों को स्वाद के साथ अपनापन भी महसूस हो.”

वह भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देते हैं. सभी व्यंजन ताजे मसालों और अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री से तैयार किए जाते हैं. यही कारण है कि उनके ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है.

क्या रहते हैं ग्राहक?
स्थानीय ग्राहकों का कहना है कि सरदारजी Yum का खाना स्वाद और गुणवत्ता दोनों के मामले में बेहतरीन है. कई नियमित ग्राहक बताते हैं कि यदि समय पर पहुंचने में थोड़ी भी देर हो जाए तो भोजन खत्म हो जाता है. इसलिए वे पहले से फोन करके अपना ऑर्डर बुक करवा लेते हैं. ग्राहकों के अनुसार, भोजन का स्वाद बिल्कुल घर के खाने और गुरुद्वारे के प्रसाद जैसी सादगी और संतुष्टि का एहसास कराता है.

जमशेदपुर में कार की डिक्की से शुरू हुई यह अनोखी पहल आज लोगों के दिलों तक पहुंच रही है. प्रवीण पाल सिंह की कहानी यह साबित करती है कि यदि जुनून और समर्पण हो तो नौकरी छोड़कर भी अपने सपनों को सफल व्यवसाय में बदला जा सकता है.

About the Author

Prashun Singh

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top