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बिजली निगम में 65 जेई के भरोसे चल रही व्यवस्था:2017 के बाद...




नवंबर तक शुरू हो सकती है नियुक्ति प्रक्रिया, 795 जेई-372 एई की होगी भर्ती झारखंड में बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की तैयारी तेज कर दी गई है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) में करीब 3347 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया नवंबर तक शुरू हो सकती है। इनमें 795 जूनियर इंजीनियर (जेई), 372 सहायक अभियंता (एई), 180 एकाउंटेंट और लाइनमैन, टेक्निकल असिस्टेंट, सहायक व एसबीओ के पद हैं। वर्ष 2017 के बाद ऊर्जा विकास निगम एवं इनकी अनुषंगी होल्डिंग कंपनी बिजली वितरण निगम, ऊर्जा संरक्षण निगम और ऊर्जा उत्पादन निगम में एक भी नियुक्ति नहीं हुई है। इससे भारी संख्या में इंजीनियरों एवं अन्य कर्मियों की कमी हो गई है। इसका सीधा असर बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रही है। पिछले महीने मुख्यमंत्री सह ऊर्जा मंत्री मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की समीक्षा बैठक में भी मैनपावर की कमी बातें उठी थीं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने नियुक्ति नियमावली बनाकर भर्ती प्रकिया शुरू करने का निर्देश दिया था। इसके बाद नियुक्ति नियमावली को अंतिम रूप देने और जरूरी प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। ये कर सकते हैं आवेदन
डिप्लोमा इंजीनियर, मेक्निकल इंजीनियर, आईटीआई एवं विभिन्न ट्रेडधारी इन पदों पर आवेदन कर सकते हैं। जेई के 800 में से 735 पद खाली
निगम में जेई के 800 पद हैं, लेकिन अभी महज 65 जेई ही कार्यरत हैं। रांची में ही 87 सेक्शन के लिए 87 जेई की जरूरत है, जबकि वर्तमान में केवल नौ जेई के भरोसे बिजली व्यवस्था चल रही है। ऐसे में एक-एक जेई को कई फीडर और सब-स्टेशन की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। निगम में जेई की कमी का असर सीधे बिजली व्यवस्था पर पड़ रहा है। जेई पर फीडर और सब-स्टेशन की निगरानी के साथ फॉल्ट, मेंटेनेंस और तकनीकी व्यवस्था की जिम्मेदारी होती है। कर्मचारियों की कमी के कारण कई इलाकों में एक अधिकारी को कई जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही हैं। नियुक्ति के बाद इस दबाव को कम करने की उम्मीद है।



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