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Palamu Medininagar News: मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र में बिना स्वीकृत नक्शे वाले पुराने भवनों को वैध कराने का मौका दिया गया है. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. यह सुविधा पर्सनल और कमर्शियल दोनों तरह के भवनों के लिए है. तय शुल्क देकर लाभ उठा सकते हैं.
पलामू. मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र के हजारों भवन मालिकों के लिए यह एक विशेष अवसर है. जहां अगर आपका मकान या व्यावसायिक भवन बिना स्वीकृत नक्शे के बना हुआ है, तो उसे वैध कराने का अब सुनहरा मौका मिला है. झारखंड सरकार की नई अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली 2026 के तहत पुराने भवनों का नियमितीकरण किया जा रहा है, लेकिन इसके लिए आवेदन की समय-सीमा निर्धारित है. ऐसे में भवन स्वामियों को जल्द से जल्द नक्शा पास कराने की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए, क्योंकि निर्धारित अवधि बीतने के बाद आपको कानूनी और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
ऑनलाइन करें आवेदन
सहायक नगर आयुक्त प्रमोद उरांव ने लोकल18 को बताया कि नई नियमावली के अनुसार राज्य की नगर निकायों, क्षेत्रीय विकास प्राधिकारों, अधिसूचित क्षेत्र समितियों, खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकारों तथा औद्योगिक क्षेत्रों में 31 दिसंबर 2024 तक निर्मित अनाधिकृत भवनों को नियमित करने का प्रावधान किया गया है. इसके लिए भवन मालिकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा. आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा और इसके लिए लाइसेंसधारी तकनीकी विशेषज्ञ, अभियंता या वास्तुविद की सहायता ली जा सकती है.
यहां से कर सकते हैं अप्लाई
उन्होंने कहा कि नियमावली के तहत अधिकतम 10 मीटर ऊंचाई अथवा जी प्लस टू (G+2) तक के भवन तथा 300 वर्ग मीटर तक के प्लॉट क्षेत्र में बने भवन नियमितीकरण के दायरे में शामिल किए गए हैं. आवेदन, शुल्क जमा करने, जांच तथा अनुमोदन की पूरी प्रक्रिया बिल्डिंग प्लान अप्रूवल मैनेजमेंट सिस्टम (BPAMS) पोर्टल के माध्यम से संचालित होगी. जिसके लिए एलटीपी के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है.
करना होगा इतना भुगतान
नियमितीकरण के लिए शुल्क भी निर्धारित किया गया है. आवासीय भवनों के लिए प्लॉट क्षेत्र और निर्माण के आधार पर अलग-अलग दरें तय की गई हैं, जबकि व्यावसायिक भवनों के लिए शुल्क अपेक्षाकृत अधिक रखा गया है. आवेदन जमा करते समय आवासीय भवनों के लिए न्यूनतम 10 हजार रुपये तथा गैर-आवासीय भवनों के लिए 20 हजार रुपये अग्रिम राशि जमा करनी होगी. शेष राशि एकमुश्त अथवा तीन समान किस्तों में जमा करने की सुविधा भी दी गई है.
राहत लेकर आई योजना
उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में ऐसे हजारों भवन हैं जिनका नक्शा स्वीकृत नहीं है. ऐसे भवनों के मालिकों के लिए यह योजना राहत लेकर आई है. भवन का नियमितीकरण होने से संपत्ति का कानूनी दर्जा मजबूत होगा. भविष्य में बैंक ऋण, बिक्री, हस्तांतरण तथा अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी. इसलिए मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र के नागरिकों को चाहिए कि वे अपने पुराने भवनों का नक्शा जल्द से जल्द नियमित कराकर सरकारी योजना का लाभ उठाएं.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें