Last Updated:
बोकारो सदर अस्पताल में पहली बार पिता बने राजीव शर्मा ने अपनी नवजात बेटी ‘शिवांशी’ के जन्म का अनोखा जश्न मनाया. उन्होंने अपनी कार को शादी की गाड़ी की तरह रंग-बिरंगे गुब्बारों और खूबसूरत संदेशों से सजाया. समाज में बेटा-बेटी का भेदभाव मिटाने के लिए की गई इस पहल की हर कोई सराहना कर रहा है.
बोकारोः जहां आज भी समाज के कई हिस्सों में बेटियों के जन्म को लेकर अलग-अलग धारणाएं देखने और सुनने को मिलती हैं, वहीं बोकारो सदर अस्पताल में शुक्रवार को एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने हर किसी का दिल जीत लिया. चास प्रखंड के तियाडा गांव के राजीव शर्मा ने अपनी नवजात बेटी के जन्म की खुशी को इस खास अंदाज में मनाया कि लोगों के बीच वह चर्चा का विषय बन गए है.
दरअसल राजीव शर्मा अपनी न्यू बॉर्न बेबी को घर ले जाने के लिए जब सदर अस्पताल पहुंचे, तो उनकी गाड़ी किसी शादी या बड़े सेलिब्रेशन से कम नहीं दिख रही थी पूरी गाड़ी रंग-बिरंगे गुब्बारों और “Welcome Baby, It’s A Baby Girl” जैसे आकर्षक संदेशों से सजी हुई थी. वहीं, अस्पताल परिसर में मौजूद लोग इस खूबसूरत पहल को देखकर ठहर गए और कई लोगों ने इस पल को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर सराहना की.
क्या बोले पिता?
राजीव शर्मा ने बताया कि पहली बार पिता बनने का एहसास शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता, लेकिन बेटी के जन्म ने उनकी खुशी को और खास बना दिया है , उन्होंने आगे कहा कि समाज में आज भी कई लोग बेटा और बेटी में फर्क करते हैं, जबकि दोनों प्यार और सम्मान के हकदार हैं इसीलिए उन्होंने लोगों कि सोच को बदलने के लिए बेटी के स्वागत को यादगार बनाने का फैसला लिया.
आखिर में उन्होंने कहा कि आज का दौर पुरी तरह से बदल चुका है और लड़कियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, ऑटो चलाने से लेकर विमान उड़ाने तक, बेटियां देश और दुनिया में अपना नाम रोशन कर रही हैं ऐसे में बेटा-बेटी के बीच भेदभाव की सोच को खत्म करना बेहद जरूरी है. राजीव शर्मा ने बताया कि वह बीपीसीएल में काम करते हैं और बेटी के आगमन की खुशी में घर पर आगे भी उत्सव का आयोजन किया जाएगा और वहीं बच्ची का नाम “शिवांशी” रखने का विचार कर रहे हैं.
About the Author
मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.