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भू-गर्भ शास्त्री रमेश जायसवाल ने लोकल 18 को बताया कि बॉक्साइट की खोज वर्ष 1821 में फ्रांस के एक गांव में हुई थी. फ्रांसीसी रसायन शास्त्री पी. बर्थियर (पियरे बर्थियर) ने वहां से कुछ पत्थर एकत्र किए थे। जांच के बाद इन पत्थरों में एल्युमिनियम की मौजूदगी का पता चला, जिसके बाद इस अयस्क को बॉक्साइट के रूप में पहचाना गया.
भू-गर्भ शास्त्री रमेश जायसवाल ने बॉक्साइट की खोज और इसके विभिन्न उपयोगों के बारे में जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि बॉक्साइट की खोज 1821 में फ्रांस में हुई थी और यह एल्युमिनियम का मुख्य अयस्क है.
बॉक्साइट की खोज
भू-गर्भ शास्त्री रमेश जायसवाल ने लोकल 18 को बताया कि बॉक्साइट की खोज वर्ष 1821 में फ्रांस के एक गांव में हुई थी. फ्रांसीसी रसायन शास्त्री पी. बर्थियर (पियरे बर्थियर) ने वहां से कुछ पत्थर एकत्र किए थे. जांच के बाद इन पत्थरों में एल्युमिनियम की मौजूदगी का पता चला, जिसके बाद इस अयस्क को बॉक्साइट के रूप में पहचाना गया.
बॉक्साइट का निर्माण और घटक
रमेश जायसवाल के अनुसार, बॉक्साइट हर जगह नहीं पाया जाता है. इसका निर्माण मुख्य रूप से उष्ण कटिबंधीय और उपोष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में होता है. बॉक्साइट में मुख्य रूप से एल्युमिना, सिलिका, लौह ऑक्साइड और टाइटेनियम ऑक्साइड जैसे घटक पाए जाते हैं.
बॉक्साइट के रंग और भंडार
बॉक्साइट का रंग लाल, पीला, सफेद, भूरा और मिट्टी के रंग में हो सकता है। मैनपाट क्षेत्र में लाल मिट्टी के रूप में बॉक्साइट के भंडार देखने को मिलते हैं, जो यहां की जमीन की लालिमा का कारण भी है। भू-गर्भ शास्त्री ने बताया कि सरगुजा जिले के मैनपाट और शंकरगढ़ क्षेत्र में बॉक्साइट बड़ी मात्रा में पाया जाता है और इसकी गुणवत्ता भी अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी बॉक्साइट के भंडार मौजूद हैं और कई क्षेत्रों में इसका उत्खनन किया जाता है।
एल्युमिनियम बनाने की प्रक्रिया
बॉक्साइट से एल्युमिनियम तैयार करने की प्रक्रिया कई चरणों में होती है। विशेषज्ञ के मुताबिक, पहले बॉक्साइट अयस्क को शुद्ध कर एल्युमिना प्राप्त किया जाता है। इसके बाद विद्युत अपघटन की प्रक्रिया के जरिए एल्युमिना से शुद्ध एल्युमिनियम तैयार किया जाता है। यानी, बॉक्साइट सीधे एल्युमिनियम नहीं बनता, बल्कि इसके लिए औद्योगिक स्तर पर कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है.
एल्युमिनियम का दैनिक जीवन में उपयोग
एल्युमिनियम आज हमारे दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसका इस्तेमाल हवाई जहाज, मोटर वाहन, विद्युत उपकरण और कई औद्योगिक उत्पादों में किया जाता है। घरों में इस्तेमाल होने वाले बर्तन, कुकर, थाली और कढ़ भी एल्युमिनियम से बनते हैं.