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बोकारो के एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में हुए 11 करोड़ रुपए के वेतन घोटाले में सीआइ्रडी ने अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। सीआईडी की विशेष अदालत में शुक्रवार को दाखिल चार्जशीट में लेखापाल कौशल कुमार पांडेय, गृह रक्षक सतीश कुमार, एएसआई अशोक कुमार भंडारी और आरक्षी काजल मंडल को आरोपी बनाया गया है। ट्रायल के दौरान दोषियों को सजा दिलाने के लिए 35 पन्नों का जिस्ट, 120 पन्नों की केस डायरी, फॉरेंसिक व फाइनेंशियल ऑडिट रिपोर्ट और 25 गवाहों के बयान भी पेश किया।
चार्जशीट में कहा गया है कि मुख्य आरोपी कौशल पांडेय ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 11 करोड़ की अवैध निकासी की। इसे पहले 21 खातों में ट्रांसफर किया गया। फिर इन खातों से 600 से अधिक खातों में पैसे भेजे गए। इन सभी खातों को सीआईडी की एसआईटी ने फ्रीज करा दिया है। इसके साथ ही कोर्ट को यह भी बताया गया है कि कौशल कुमार पांडे और अन्य सहयोगियों के बोकारो के तेलीडीह में लगभग 4.08 और 4.98 डिसमिल जमीन पर बने आलीशान मकान और दस्तावेज को जब्त किया गया है। जानिए…चार्जशीट में किस पर क्या हैं आरोप
कौशल पांडेय ने 29 महीने में 63 बार में 4.29 करोड़ रुपए निकाले
चार्जशीट में कहा गया है कि कौशल कुमार पांडेय इस पूरे घोटाले का मुख्य मास्टरमाइंड है। यह बोकारो एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में कार्यरत था। इसी ने ई-कुबेर पोर्टल और कंप्यूटर डेटा के साथ छेड़छाड़ कर मृत और रिटायर्ड पुलिसकर्मियों के नाम पर फर्जी बिल बनाया और करोड़ों रुपए अपनी पत्नी व मां के खातों में ट्रांसफर किया। कौशल पांडेय ने अपनी पत्नी अनु पांडेय व मां बृज कुमारी देवी के खाते में अवैध वेतन निकासी के रुपए भेजे। उसने सेवानिवृत्त हवलदार उपेंद्र सिंह की जुलाई 2016 में सेवानिवृत्ति के बाद उनकी जन्मतिथि में फेरबदल कर उनकी सेवानिवृत्ति मार्च 2026 दिखाई और उनके वेतन मद में नवंबर 2023 से मार्च 2026 तक 63 बार में धोखाधड़ी से 4.29 करोड़ रुपए की निकासी की। चार्जशीट में बताया है कि कौशल पांडेय डीडीओ को विश्वास में लेकर ओटीपी लेने के बाद धोखे से हस्ताक्षर करवा लेता था। वह पुलिसवालों के बेहतर कार्य के बदले मिलने वाली राशि को अपनी मां के खाते में भेजता था। वर्ष 2021 के बाद उसने एस. कुमार, सेवानिवृत्त राजेंद्र सिंह, राम नरेश सिंह, दशरथ सिंह, ए. मिंज, ललिता सिंह के जीपीएफ नंबर में फेरबदल कर अपनी मां के खाते में राशि स्थानांतरित की थी। सतीश के खाते में ट्रांसफर होती थी राशि, नकद लेता था कौशल
चार्जशीट के मुताबिक होमगार्ड के जवान सतीश कुमार उर्फ सतीश कुमार सिंह मुख्य आरोपी कौशल पांडेय का सबसे खास सहयोगी था। सीआईडी की जांच में इसके बैंक खाते में 1.06 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेन-देन का पता चला। यह कौशल के कहने पर अवैध रूप से निकाले गए पैसों को अपने खाते में मंगाता था और कैश निकालकर कौशल को देता था।
एएसआई अशोक के खाते में गए 1.11 करोड़
एएसआई अशोक कुमार भंडारी बोकारो एसपी ऑफिस की लेखा शाखा में एएसआई के पद पर तैनात था। कौशल पांडेय के साथ मिलकर भ्रष्टाचार करने के आरोप में सीआईडी ने इसे तीसरी बड़ी गिरफ्तारी की थी। इसके खाते और करीबियों के जरिए भी 1.11 करोड़ रुपए की अवैध निकासी की राशि आई थी।
काजल के घर छापेमारी में मिले थे 8.75 लाख
आरक्षी काजल मंडल भी बोकारो एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में पदस्थापित था। गिरफ्तारी के बाद सीआईडी ने जब काजल मंडल के घर पर छापेमारी की थी, तो वहां से 8.75 लाख रुपए नकद बरामद हुए थे। इस पर आरोप है कि मुख्य आरोपी कौशल पांडेय यात्रा मद की अवैध राशि इसके खाते में भेजता था, जिसे यह कैश निकालकर अपने पास छुपाता था। हजारीबाग से अवैध निकासी मामले में इसी हफ्ते होगी चार्जशीट
हजारीबाग से अवैध वेतन निकासी मामले में सीआईडी सोमवार को रांची स्थित सीआईडी की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर सकती है। यहां करीब 31 करोड़ रुपए की अवैध निकासी मामले का खुलासा हो चुका है। हजारीबाग से अवैध वेतन निकासी मामले का मास्टरमाइंड शंभू कुमार सिंह सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन सभी के विरुद्ध विरुद्ध चार्जशीट दाखिल होनी है।
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