झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर भाजपा पर राजनीतिक मुद्दा भटकाने का आरोप लगाया है। पार्टी की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि 2014 से आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और नियुक्ति प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के आरोप सामने आए। सरकार ने कार्रवाई की। कैबिनेट की बैठक में परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया। झारखंड हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। जामताड़ा के कोषाध्यक्ष प्रदीप मंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों पर सवाल उठाया। पार्टी का आरोप है कि 2014 से 2019 के दौरान राज्य के विभिन्न विभागों में दूसरे राज्यों के लोगों की नियुक्तियां हुईं। पार्टी ने दावा किया कि कुछ शिक्षकों को स्थानीय भाषा की जानकारी नहीं थी। इससे शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ा।
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