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Mi-17: कैसे दुश्मन के इलाके में उतरे सेना के जांबाज? शत्रुजीत ब्रिगेड...


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कैसे दुश्मन के इलाके में उतरे सेना के जांबाज? शत्रुजीत ब्रिगेड ने दिखाया दम

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Indian Army Heliborne Operation: भारतीय सेना ने भविष्य के युद्धक्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी आधुनिक हेलिबोर्न क्षमताओं का जोरदार प्रदर्शन किया है. सेना की विशिष्ट ‘शत्रुजीत ब्रिगेड’ ने एक विशेष सैन्य अभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना के साथ बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए अग्रिम मोर्चे पर त्वरित हवाई तैनाती का सफल ऑपरेशन पूरा किया.

कैसे दुश्मन के इलाके में उतरे सेना के जांबाज? शत्रुजीत ब्रिगेड ने दिखाया दमZoom

भारतीय सेना ने दिखाया फ्यूचर वॉरफेयर का खतरनाक ट्रेलर.

भारतीय सेना ने भविष्य के युद्धक्षेत्र में दुश्मन को नेस्तनाबूद करने के लिए अपनी विशेष हेलिबोर्न क्षमताओं का खौफनाक प्रदर्शन किया है. एक विशेष सैन्य अभ्यास के दौरान सेना की जांबाज ‘शत्रुजीत ब्रिगेड’ ने हवा से जमीन पर सटीक और तेज हमले का नया मानक तय किया. इस युद्धाभ्यास का मुख्य मकसद जंग के मैदान में सैनिकों और भारी हथियारों को बिना एक पल गंवाए सीधे दुश्मन के सिर पर उतारना था.

अभ्यास के दौरान जवानों ने एसटीआईई (STIE) और स्लिदरिंग जैसी बेहद खतरनाक तकनीकों का प्रदर्शन किया. इन तकनीकों के जरिए हेलीकॉप्टर से जांबाज कमांडो चंद पलों में रस्सी के सहारे सीधे टारगेट एरिया में उतर गए. आसमान से उतरते ही सैनिकों ने तुरंत पोजीशन लेकर मोर्चा संभाला और टारगेट को घेरने का आक्रामक अभ्यास किया. सेना का यह घातक ऑपरेशन साफ संकेत देता है कि किसी भी आपात स्थिति में भारतीय जवान दुश्मन के इलाके में घुसकर पलक झपकते ही तबाही मचाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

वहीं, अभियान की परिस्थितियों के अनुरूप तत्काल कार्रवाई शुरू करने की क्षमता का परीक्षण भी किया गया. अभ्यास की एक प्रमुख उपलब्धि भारतीय वायु सेना के संसाधनों के साथ शत्रुजीत ब्रिगेड का निर्बाध समन्वय रहा. इससे हवाई माध्यम से सैनिकों की तेज और सटीक युद्धक तैनाती की क्षमता का प्रदर्शन हुआ. सेना और वायु सेना के बीच इस तरह का एकीकृत संचालन भविष्य के युद्धक्षेत्र में तेजी से बदलती परिस्थितियों के अनुरूप कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.

अभ्यास का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर के जरिए पहली बार एक साथ विशेष तरीके से एलएसवी यानी लाइट स्ट्राइक व्हीकल और रैपिड टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को हवा में नीचे लटकाकर ले जाने की क्षमता का प्रदर्शन रहा. इस क्षमता के जरिए युद्धक्षेत्र में आवश्यक गतिशीलता वाले सैन्य वाहनों और उपकरणों को कम समय में अग्रिम क्षेत्र तक पहुंचाया जा सकता है.

यह क्षमता विशेष रूप से उन अभियानों में महत्वपूर्ण हो सकती है, जहां सैनिकों की त्वरित तैनाती के साथ-साथ उन्हें तत्काल गतिशीलता और परिवहन के साधन उपलब्ध कराना आवश्यक हो. इससे अभियान क्षेत्र में सैन्य टुकड़ियों की प्रतिक्रिया क्षमता और संचालन की गति बढ़ाने में मदद मिलेगी. शत्रुजीत ब्रिगेड की इस उपलब्धि से यह भी प्रदर्शित हुआ कि भारतीय सेना भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए तेज, एकीकृत और तुरंत प्रतिक्रिया देने वाली युद्धक क्षमताओं को लगातार विकसित कर रही है. यह अभ्यास शत्रुजीत ब्रिगेड की ऐसी सैन्य क्षमताओं के निर्माण की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है, जो बदलते युद्धक्षेत्र में सैनिकों, हथियारों और महत्वपूर्ण सैन्य संसाधनों की त्वरित हवाई तैनाती, बेहतर समन्वय और प्रभावी संचालन सुनिश्चित कर सकें.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…

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