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भास्कर न्यूज| कोडरमा जिला विधिक सेवा प्राधिकार कोडरमा के तत्वावधान में रविवार को मंडल कारा कोडरमा में जेल अदालत सह विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से बंदियों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार ने कहा कि जेल में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपराधी नहीं होता। उन्होंने बंदियों से अपराध की दुनिया छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने तथा सकारात्मक जीवन अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में सभी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और सुधार की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। अधिवक्ता नवल किशोर ने कहा कि अपराध से नफरत करनी चाहिए, अपराधियों से नहीं। वहीं अधिवक्ता किरण कुमारी और राजेंद्र मंडल ने प्ली बारगेनिंग की जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत कोई भी बंदी दोष स्वीकार कर अपनी सजा में राहत प्राप्त कर सकता है। अधिवक्ता अरुण कुमार ओझा, अश्विनी शरण और ललन चौधरी ने बंदियों को उनके अधिकारों एवं विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने न्यायिक सहायता, निःशुल्क विधिक सेवा और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर जेल अदालत का भी आयोजन किया गया। हालांकि किसी भी बंदी द्वारा आवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण किसी भी मामले का निष्पादन नहीं हो सका और न ही किसी बंदी की रिहाई हुई। मौके पर जेल अधीक्षक राजमोहन राजन, सहायक जेलर प्रेम कुमार, जेलकर्मी राजीव कुमार, मोहम्मद मोइनुद्दीन सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।
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