कोडरमा: यदि आप कम पूंजी में अपना रोजगार शुरू करने की योजना बना रहे हैं और किसी ऐसे कारोबार की तलाश में हैं, जिसमें कम जगह और कम निवेश के साथ अच्छी कमाई की जा सके, तो चूड़ी और डिजाइनर बैंगल्स का कारोबार आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. इस व्यवसाय की सबसे खास बात यह है कि इसे महज 5 हजार रुपये की शुरुआती पूंजी से भी शुरू किया जा सकता है. वहीं, अपनी पूंजी के अनुसार कारोबार का विस्तार करते हुए इसमें अलग-अलग डिजाइन और वैरायटी के सामान रखे जा सकते हैं.
सबसे खास बात यह है कि इस कारोबार में सामान के एक्सपायर होने या जल्द खराब होने की भी कोई चिंता नहीं रहती है. झुमरी तिलैया के उजाला कॉम्प्लेक्स स्थित राजस्थानी बैंगल्स स्टोर के संचालक शारिक बताते हैं कि चूड़ी और डिजाइनर बैंगल्स का कारोबार कम पूंजी में स्वरोजगार शुरू करने का अच्छा अवसर प्रदान करता है. उनके प्रतिष्ठान में छोटे कारोबारियों को होलसेल कीमत पर सामान उपलब्ध कराया जाता है. दुकान में मिलने वाला अधिकांश कलेक्शन राजस्थान से मंगाया जाता है. जहां से अलग-अलग डिजाइन, रंग और आकर्षक पैटर्न की चूड़ियां और डिजाइनर बैंगल्स उपलब्ध कराए जाते हैं.
5000 रुपये में कर सकते हैं कारोबार
शारिक ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति अपने इलाके में चूड़ी और डिजाइनर बैंगल्स का कारोबार शुरू करना चाहता है, तो उसे शुरुआत में बहुत अधिक पूंजी लगाने की जरूरत नहीं है. महज 5 हजार रुपये के निवेश से भी इस व्यवसाय को शुरू किया जा सकता है. इतनी रकम में अलग-अलग डिजाइन की चूड़ियों के साथ डिजाइनर बैंगल्स के चार पीस, छह पीस और आठ पीस वाले सेट उपलब्ध हो जाते हैं. शुरुआती दौर में छोटे स्तर पर घर से या किसी छोटी दुकान के माध्यम से भी इस कारोबार को संचालित किया जा सकता है.
वहीं, यदि कोई व्यक्ति इस कारोबार को थोड़े बड़े स्तर पर शुरू करना चाहता है, तो करीब 20 हजार रुपये का निवेश बेहतर विकल्प हो सकता है. इस रकम से वह विभिन्न प्रकार की चूड़ियों और डिजाइनर बैंगल्स का भरपूर कलेक्शन रख सकता है. इससे ग्राहकों को उनकी पसंद और जरूरत के अनुसार कई तरह के डिजाइन दिखाने का मौका मिलेगा. अधिक वैरायटी होने से ग्राहकों को आकर्षित करना और बिक्री बढ़ाना भी आसान हो सकता है.
50 प्रतिशत तक का मिल सकता है रिटेल मार्जिन
शारिक के अनुसार इस कारोबार में खुदरा बिक्री पर करीब 50 प्रतिशत तक का मार्जिन मिल सकता है. कम कीमत में होलसेल सामान खरीदकर उसे खुदरा ग्राहकों तक पहुंचाने से कारोबारी अच्छी कमाई कर सकते हैं. यही वजह है कि कम पूंजी में अपना रोजगार शुरू करने वाले लोगों के लिए यह कारोबार एक अच्छा विकल्प बन सकता है.
उन्होंने बताया कि फिलहाल वह कोडरमा के अलावा जिले से बाहर के कई इलाकों में भी इस तरह का कारोबार करने वाले दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को होलसेल कीमत पर सामान की आपूर्ति करते हैं. उनके यहां से सामान खरीदकर कई लोग अपने-अपने क्षेत्र में चूड़ी और डिजाइनर बैंगल्स की बिक्री कर रहे हैं. इससे छोटे कारोबारियों को कम निवेश में सामान की उपलब्धता हो जाती है और उन्हें बड़े बाजारों में भटकने की जरूरत नहीं पड़ती है.
सामान खराब होने और एक्सपायरी की नहीं रहती चिंता
इस कारोबार की एक और खासियत बताते हुए शारिक कहते हैं कि चूड़ी और डिजाइनर बैंगल्स ऐसी वस्तुएं हैं, जिन्हें सामान्य खाद्य या दैनिक उपभोग की वस्तुओं की तरह एक्सपायरी की चिंता नहीं रहती. सही तरीके से रखरखाव करने पर इन्हें लंबे समय तक स्टॉक में रखा जा सकता है. हालांकि डिजाइन और फैशन के बदलते रुझानों के अनुसार नए कलेक्शन को शामिल करना जरूरी होता है.
उन्होंने बताया कि त्योहारों, शादी-विवाह और अन्य मांगलिक अवसरों पर चूड़ियों और डिजाइनर बैंगल्स की मांग बढ़ जाती है. ऐसे समय में अलग-अलग रंगों और डिजाइन के सामान की बिक्री के अच्छे अवसर मिलते हैं. खासकर महिलाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक चूड़ियों के साथ आधुनिक डिजाइन वाली बैंगल्स रखना कारोबार के लिए फायदेमंद हो सकता है.
छोटे शहर और गांवों में भी है कारोबार की संभावना
शारिक के मुताबिक इस व्यवसाय को केवल बड़े बाजारों तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है. छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी इसकी अच्छी संभावनाएं हैं. इच्छुक लोग अपनी पूंजी के अनुसार शुरुआत कर सकते हैं और धीरे-धीरे ग्राहकों की पसंद समझते हुए नए डिजाइन और वैरायटी जोड़ सकते हैं.