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महुआ से शराब नहीं… अब बनाएं चॉकलेट-कुकीज, डायबिटीज पेशेंट भी चाव से...


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महुआ से शराब नहीं… अब बनाएं चॉकलेट-कुकीज, डायबिटीज पेशेंट भी चाव से खाएंगे

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Mahua Chocolate & Cookies: खूंटी के जंगलों में खासतौर पर महुआ का पेड़ बहुत पाया जाता है. महुआ झारखंड में विशेष पर शराब बनाने के लिए इस्तेमाल होता है. लेकिन गांव की महिलाएं इससे चॉकलेट और बिस्किट बना रही हैं, जो खाने में काफी स्वादिष्ट हैं. इनमें कैलोरी की मात्रा न के बराबर होती है और शुगर भी नहीं होती. इसीलिए ये डायबिटीज के पेशेंट के लिए भी अच्छे माने जाते हैं. साथ ही इनमें प्रोटीन और दूसरे जरूरी विटामिन का भंडार भी होता है.

सारे प्रोडक्ट को दिखाते हुए सलोनी बताती हैं, खूंटी के जंगलों से खासतौर पर हम महिलाओं द्वारा यह चुनकर मंगवाते हैं. पहले ये महिलाएं इसी की शराब बनाती थी और बेचती थी. लेकिन इससे ना उनको अधिक मुनाफा होता था और यह समाज के लिए भी सही नहीं था. ऐसे में हमने महुआ में एक्सपेरिमेंट किया और आज चॉकलेट से लेकर कुकीज तक इससे बनवा रहे हैं.

सलोनी बताती हैं, आप एक बार खाकर देखिए, आप नहीं बोल पाएंगे कि महुआ का है, खाने में तो बड़े ब्रांड के चॉकलेट को टक्कर देता है, डायबिटीज पेशेंट चाहे जितना खा लें. क्योंकि, इसमें कैलोरी 5 से 10 है, इससे अधिक नहीं. हमने इस पर रिसर्च भी की है.

हमारे पास इसकी कैंडी, अचार व सिरप तक मिलेगा. मतलब आपको केक में कोई अलग फ्लेवर खाना है, तो आप इसके सिरप का इस्तेमाल कर सकते हैं. शराब बनाने वाली चीज से महिलाओं द्वारा इतनी सारी चीज बनवाने का काम कर रहे हैं. इससे लगभग 300 महिलाओं को भी रोजगार और इनकम दोनों मिल रहा है.

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हमारा अपना क्लस्टर है, जहां से हम ये सारी चीजें लेकर आते हैं, महिलाएं अपने हाथों से ये सारी चीजें तैयार करती हैं. जिसमें शुद्धता और सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है. अगर आपको इनकी कुकीज लेनी है, तो इसकी कीमत ₹50-100 की रेंज में होती है. वहीं, चॉकलेट भी इसकी रेंज में है.

यानी 50 से 100 के अंदर आपको कैंडी से लेकर चॉकलेट हर एक चीज देखने को मिल जाएगी. अगर सिरप लेनी है, तो 200-250 रुपये कीमत होती है. आप अपने बजट और जरूरत के मुताबिक खरीदारी कर सकते हैं. महुआ से ऐसे आइटम बनाना इनोवेटिव तो है ही साथ ही कैलोरी कांशस और शुगर पेशेंट्स के लिए किसी वरदान जैसा है.

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