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बंगाल विधानसभा में सीएम सुवेंदु अधिकारी ने अभया केस में न्याय का वादा किया. जब सुवेंदु ये ऐलान कर रहे थे, तब आरजी कर की पीड़िता की मां के आंसू छलक पड़े. सुवेंदु ने बताया कि तीन आईपीएस निलंबित कर दिए गए हैं.कोई भी नहीं बचेगा.
बेटी को न्याय की बात हुई तो छलका आरजी कर पीड़िता की मां का दर्द.
बंगाल विधानसभा का माहौल उस वक्त अचानक बेहद भारी हो गया, जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आरजी कर की पीड़िता को इंसाफ दिलाने की हुंकार भरी. उनके शब्दों में गहरा दर्द और दृढ़ संकल्प था. उन्होंने बेहद भावुक होकर कहा कि बंगाल की जनता ने इस नई सरकार को अभया के आंसुओं का हिसाब मांगने के लिए चुना है.सीएम सुवेंदु के मुंह से बेटी के न्याय की बात सुनते ही वहां मौजूद पीड़िता की मां और विधायक रत्ना देवनाथ के सब्र का बांध टूट गया. भरी विधानसभा में उनकी सिसकियों ने हर किसी की आंखें नम कर दीं. अपने आंसुओं को पोंछते हुए उन्होंने रुंधे गले से कहा कि मैंने अपनी फूल सी बच्ची को हमेशा के लिए खो दिया है. जब सदन में मुख्यमंत्री ने इंसाफ का जिक्र किया, तो एक बेबस मां अपने जज्बातों को रोक नहीं पाईं.
बेटी को खोने का दर्द और पिछली सरकार की बेरुखी उनकी आंखों से साफ छलक रही थी. रत्ना देवनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने सच्चाई दफन करने और गुनाहों पर पर्दा डालने की पूरी कोशिश की. तब कोई निष्पक्ष जांच नहीं हुई, बस एक मां की चीखों को अनसुना कर दिया गया. भले मेरी बच्ची अब कभी लौटकर नहीं आएगी, लेकिन अब मेरे इस घायल दिल को न्याय की आस है. देबनाथ ने बाद में कहा, मुझे उम्मीद है कि मेरी बेटी को न्याय मिलेगा। मैं यहां (विधानसभा में) सत्ता के लिए नहीं, बल्कि अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए आई हूं.
BIG NEWS 🚨 BJP MLA Ratna Debnath breaks down in assembly. Highly emotional scene. CM Suvendu Adhikari assures justice in RG Kar Case. pic.twitter.com/9JabkPDr1m