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थंडरस्टॉर्म एंग्जायटी के दौरान कई डॉग्स घर के किसी कोने में छिप जाते हैं. कुछ सोफे या बेड के नीचे दुबककर बैठे रहते हैं. कई बार डर की वजह से वे घर से बाहर भागने की भी कोशिश करते हैं. गंभीर मामलों में उनका तनाव इतना बढ़ जाता है कि वे बार-बार पेशाब और पॉटी करने लगते हैं.
बोकारो: मानसून का मौसम शुरू हो चुका है. कई जगहों पर तेज बारिश हो रही है. बिजली चमक रही है. बादलों की तेज गर्जना भी सुनाई दे रही है. इसका असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पालतू डॉग्स पर भी पड़ता है. इस मौसम में कई डॉग्स थंडरस्टॉर्म एंग्जायटी (Thunderstorm Anxiety) का शिकार हो जाते हैं. डर और तनाव की वजह से उनका व्यवहार अचानक बदल जाता है. कई डॉग्स खाना-पीना छोड़ देते हैं. कुछ लगातार कांपते रहते हैं. कई बार वे बिना वजह लगातार भौंकते रहते हैं. इससे पशुपालकों की चिंता भी बढ़ जाती है.
सामान्य व्यवहार नहीं कर पाते
बोकारो के चास स्थित एक पेट क्लीनिक के पशु चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार बताते हैं कि तेज गर्जन, बिजली की चमक और अचानक होने वाली तेज आवाजें डॉग्स में डर पैदा करती हैं. कई पालतू कुत्ते घबराकर घर के किसी कोने में छिप जाते हैं. कुछ सोफे या बेड के नीचे जाकर बैठ जाते हैं. वे खुद को सुरक्षित रखने की कोशिश करते हैं. यदि समय रहते उनकी देखभाल नहीं की जाए, तो उनका तनाव और बढ़ सकता है. कई बार वे घंटों तक सामान्य व्यवहार नहीं कर पाते.
मालिक खुद रहें शांत
डॉ. अनिल कुमार बताते हैं कि ऐसी स्थिति में सबसे पहले पालतू जानवर के मालिक को खुद शांत रहना चाहिए. यदि मालिक घबरा जाएगा, तो उसका असर डॉग पर भी पड़ेगा. ऐसे समय डॉग को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए. उसके पास रहना चाहिए. उसे प्यार से सहलाना चाहिए. उसे यह एहसास कराना चाहिए कि वह सुरक्षित है. इससे उसका डर काफी हद तक कम हो सकता है. उन्होंने बताया कि बारिश और तेज गर्जना के दौरान घर की खिड़कियां और पर्दे बंद रखना भी फायदेमंद होता है. इससे बिजली की चमक और तेज आवाज कमरे के अंदर कम पहुंचती है. इससे डॉग का तनाव कम करने में मदद मिलती है.
घर से भागने की भी कर सकते हैं कोशिश
पशु चिकित्सक के अनुसार थंडरस्टॉर्म एंग्जायटी के दौरान कई डॉग्स घर के किसी कोने में छिप जाते हैं. कुछ सोफे या बेड के नीचे दुबककर बैठे रहते हैं. कई बार डर की वजह से वे घर से बाहर भागने की भी कोशिश करते हैं. गंभीर मामलों में उनका तनाव इतना बढ़ जाता है कि वे बार-बार पेशाब और पॉटी करने लगते हैं. यह उनके डर और बेचैनी का संकेत हो सकता है.
डांटें नहीं, डॉक्टर से लें सलाह
डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि ऐसी स्थिति में डॉग को कभी डांटना या मारना नहीं चाहिए. जबरदस्ती उसे बाहर घूमाने भी नहीं ले जाना चाहिए. ऐसा करने से उसका डर और बढ़ सकता है. पशु मालिकों को धैर्य रखना चाहिए. यदि डॉग लंबे समय तक सामान्य व्यवहार नहीं करता या उसकी परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है, तो बिना देर किए पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. समय पर इलाज और सही देखभाल से डॉग जल्दी सामान्य हो सकता है और मानसून के दौरान उसे सुरक्षित रखा जा सकता है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें