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मानसून में रजाई-गद्दों को इस ट्रिक से बचाएं खराब होने से, विशेषज्ञ...


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Monsoon Bedding Care Tips: मानसून में रजाई, गद्दे और कंबलों की देखभाल करना बेहद ही जरूरी है. इसे नमी से बचाने के लिए धूप या हवादार जगह पर रखें. रुई की सफाई और पिटाई से वे लंबे समय तक आरामदायक रहेगा. आइये जानते हैं इसे कैसे संभालकर रखना चाहिए.

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जमशेदपुर: मानसून का मौसम शुरू होते ही जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलती है. वहीं, घर में रखे रजाई, गद्दे और कंबलों की देखभाल की चुनौती भी बढ़ जाती है. बारिश के दौरान वातावरण में नमी काफी बढ़ जाती है, जिसका असर घर में रखे रुई वाले सामान पर भी पड़ता है. यदि समय रहते इनकी उचित देखभाल नहीं की जाए तो रुई खराब होने लगती है, बदबू आने लगती है और कई बार इनमें कीड़े भी लग जाते हैं. ऐसे में विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मानसून के दौरान इन सामानों की विशेष देखरेख की जानी चाहिए.

इस ट्रिक से रखें रजाई-गद्दे

ऐसे में घरों में उपयोग होने वाले पारंपरिक रुई के गद्दे और रजाइयां लंबे समय तक आरामदायक बनी रहे. इसके लिए बारिश शुरू होते ही उन्हें एक बार बाहर निकालकर जांच लेना चाहिए. यदि रजाई या गद्दे को काफी समय से साफ नहीं कराया गया है तो उसकी रुई निकलवाकर अच्छी तरह धुलाई और पिटाई करवाना फायदेमंद रहता है. इससे रुई में जमी धूल, नमी और गंदगी बाहर निकल जाती है तथा उसकी फुलावट भी वापस आ जाती है.

दुकान संचालक सुल्तान बताते हैं कि कपास की रुई से बने गद्दे और रजाइयां स्वास्थ्य के लिए काफी बेहतर होते हैं. कपास की रुई शरीर को प्राकृतिक आराम देती है और लंबे समय तक उपयोग करने पर भी अपेक्षाकृत सुरक्षित रहती है. अच्छी गुणवत्ता वाली कपास की रुई से तैयार गद्दे शरीर के वजन को संतुलित रूप से सहारा देते हैं, जिससे रीढ़ की हड्डी पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता है. यही कारण है कि आज भी बड़ी संख्या में लोग कपास के गद्दों को प्राथमिकता देते हैं.

रजाई-गद्दों को वेंटिलेशन है जरूरी

वहीं, बारिश के मौसम में गद्दे और रजाई को पूरी तरह बंद करके रखने के बजाय समय-समय पर धूप या खुली हवा में रखना चाहिए. यदि तेज धूप उपलब्ध नहीं है तो उन्हें ऐसे स्थान पर रखें. जहां पर्याप्त वेंटिलेशन हो. इससे उनमें जमा नमी कम होती है और फफूंदी या कीड़ों के पनपने की संभावना घट जाती है. साथ ही इन्हें प्लास्टिक में पूरी तरह पैक करके रखने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे नमी अंदर ही फंस सकती है.

कई लोग वर्षों तक एक ही गद्दे या रजाई का उपयोग करते रहते हैं, लेकिन समय के साथ रुई दब जाती है और उसका आराम कम हो जाता है. ऐसे में जरूरत के अनुसार रुई बढ़वाना या कम करवाना भी एक अच्छा विकल्प है. इससे गद्दे की गुणवत्ता और आराम दोनों बेहतर हो जाते हैं. स्थानीय कारीगर रुई की पिटाई और पुनः भराई कर गद्दों को लगभग नया जैसा बना देते हैं.

मानसून के दौरान थोड़ी सी सावधानी आपके गद्दे, रजाई और कंबल की उम्र कई वर्षों तक बढ़ा सकती है. इसलिए बारिश के मौसम में एक बार इनकी सफाई, पिटाई और उचित रखरखाव जरूर कराएं. इससे न केवल आपका सामान सुरक्षित रहेगा, बल्कि आपको बेहतर आराम और स्वस्थ नींद का अनुभव भी मिलेगा.

About the Author

Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें



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