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भास्कर न्यूज | सिमडेगा नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत जारी मार्च 2026 की राष्ट्रीय डेल्टा रैंकिंग में सिमडेगा जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। दिसंबर 2025 की रैंकिंग में 101वें स्थान पर रहने वाला सिमडेगा मार्च 2026 की रैंकिंग में 45 स्थानों की छलांग लगाकर 56वें स्थान पर पहुंच गया है। इसी तरह आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत शामिल बांसजोर प्रखंड ने भी शानदार सुधार दर्ज करते हुए दिसंबर की 215वीं रैंक से मार्च में 171वां स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, आधारभूत संरचना,वित्तीय समावेशन और सामाजिक विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हुए निरंतर सुधार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम मानी जा रही है। जिला प्रशासन ने इसे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित समीक्षा और डेटा मॉनिटरिंग का नतीजा बताया है।
स्वास्थ्य सेवाओं में हुआ उल्लेखनीय सुधार : जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नियमित ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस, गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, संस्थागत प्रसव, एनीमिया जांच,गैर- संचारी रोगों की स्क्रीनिंग,टेक होम राशन वितरण तथा कुपोषित बच्चों की पहचान और उपचार पर विशेष ध्यान दिया गया। इन प्रयासों का असर स्वास्थ्य सूचकांकों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। जिले के बाँसजोर,सिमडेगा सदर और कोलेबिरा सहित कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणन प्राप्त होना भी जिले की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
शिक्षा विभाग ने विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर दिया। बांसजोर प्रखंड में 15वें वित्त आयोग की राशि से कई आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प किया गया। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इसके अलावा विद्यालय छोड़ने वाले बच्चों की संख्या कम करने,ट्रांजिशन रेट बढ़ाने तथा लगभग 16 हजार विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किए गए। कृषि और किसानों पर विशेष फोकस : कृषि क्षेत्र में सोलर लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार,मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण,प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का बेहतर क्रियान्वयन,पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान तथा एफएमडी टीकाकरण अभियान के माध्यम से किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए गए। इन योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में किसानों तक पहुंचाया गया। स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड उपलब्ध कराकर महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ा गया। वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य किए गए। हर घर जल योजना, ग्रामीण पेयजल सुविधा, सड़क निर्माण, डिजिटल कनेक्टिविटी तथा अन्य आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई। क्या है डेल्टा रैंकिंग नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत डेल्टा रैंकिंग तैयार की जाती है। इसमें जिलों और प्रखंडों के प्रदर्शन का मूल्यांकन उनके मासिक सुधार के आधार पर किया जाता है। स्वास्थ्य एवं पोषण,शिक्षा,कृषि एवं जल संसाधन,वित्तीय समावेशन,कौशल विकास तथा आधारभूत संरचना जैसे प्रमुख विकास सूचकांकों में सुधार करने वाले जिलों और प्रखंडों को बेहतर रैंकिंग मिलती है।
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