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रानेश्वर प्रखंड सभागार में मंगलवार को मसलिया-रानेश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना को लेकर उप विकास आयुक्त दुमका अनिकेत सचान की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें परियोजना के माध्यम से रबी फसल का क्षेत्र बढ़ाने और क्रॉपिंग पैटर्न को बेहतर बनाने की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार, सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता, डीपीएम जेएसएलपीएस दुमका और एलएंडटी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर समेत संबंधित अधिकारी मौजूद थे। सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि परियोजना के प्रारंभिक चरण में रानेश्वर प्रखंड की बांसकुली, वृंदावनी, गोविंदपुर और बिलकांदी पंचायतों के 65 गांवों को कृषि कार्य के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। एलएंडटी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने परियोजना के ट्रायल से संबंधित जानकारी दी। वहीं जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों को रबी फसल में परियोजना के सिंचाई जल का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। 15-20 फीसदी भूमि पर ही हो रही रबी की खेती: बैठक में लाभान्वित पंचायतों के मुखियाओं ने बताया कि वर्तमान में उनकी पंचायतों में महज 15 से 20 प्रतिशत भूमि पर ही गेहूं और सरसों जैसी रबी फसलों की खेती हो पाती है। सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने के बाद रबी फसल के क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि रानेश्वर कृषि प्रधान प्रखंड है। मसानजोर डैम और मेगा लिफ्ट परियोजना के अलावा कैराबनी, बंकीबेड़ा और दिगलपहाड़ी डैम से भी आसपास के गांवों को सिंचाई का पानी मिलता है। हालांकि सिंचाई सुविधा के विस्तार के लिए अभी और काम करने की जरूरत है। उन्होंने प्रखंड की सभी 17 पंचायतों में उपलब्ध सिंचाई जल स्रोतों और क्रॉपिंग पैटर्न से संबंधित प्रतिवेदन उप विकास आयुक्त को सौंपा।
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