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मैसूर दशहरे का सबसे बड़ा स्टार अब नहीं उठाएगा 750 KG का...


मैसूर का मशहूर दशहरा इस बार थोड़ा अलग नजर आएगा. लगातार 6 बार मैसूर दशहरे की प्रमुख शोभायात्रा जंबू सावारी में 750 किलो का गोल्डन हौदा उठाने वाले दिग्गज हाथी अभिमन्यु को इस साल रिटायर कर दिया गया है. इस महीने अभिमन्यु ने 60 साल की आयु पूरी की है. अब उसे दशहरा जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है.

6 बार उठाया गोल्डन हौदा

अभिमन्यु कोई साधारण हाथी नहीं है. उसने 6 बार गोल्डन हौदा उठाने का गौरव हासिल किया है. वह 2020 से 2025 तक लगातार जंबू सवारी में गोल्डन हौदा लेकर चला. इस दौरान वह मैसूर दशहरे का सबसे चर्चित हाथी बन गया. इस बार उम्र ने उसका साथ छोड़ दिया और 60 साल पूरे होते ही उसे दशहरा ड्यूटी से हटा दिया गया.

12 हाथियों की सूची जारी

वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद जंबू सवारी के लिए 12 हाथियों की सूची जारी की गई है. गोल्डन हौदा उठाने के लिए धनंजय, प्रशांत, सुग्रीव और महेंद्र को शॉर्टलिस्ट किया गया है. वहीं हाथियों की पहली खेप 26 अगस्त से मैसूर पहुंचना शुरू होगी.

26 अगस्त से शुरू होगा गजपायन

हाथियों को मैसूर लाने की पारंपरिक यात्रा यानी गजपायन नागरहोल टाइगर रिजर्व के वीरनहोसाहल्ली गेट के पास से 26 अगस्त को शुरू होगी. पहली खेप में दुबारे कैंप से धनंजय, गोपी, श्रीराम, सुग्रीव और कावेरी, बल्ले कैंप से महेंद्र और लक्ष्मी, जबकि माथिगोडु कैंप से एकलव्य को मैसूर लाया जाएगा.

इस बार जंबू सवारी में अभिमन्यु नहीं होगा, लेकिन उसकी विरासत जरूर नजर आएगी. 6 बार गोल्डन हौदा उठाने वाला यह दिग्गज अब मैदान से बाहर है, लेकिन मैसूर दशहरे की यादों में उसकी जगह हमेशा खास रहेगी.

सिर्फ दशहरे का सितारा नहीं, रेस्क्यू ऑपरेशन का भी हीरो

अभिमन्यु ने सिर्फ मैसूर दशहरे में ही अपनी पहचान नहीं बनाई है. वह माथिगोडु कैंप में लीड कुमकी हाथी के तौर पर भी काम करता रहा है. कुमकी हाथियों का इस्तेमाल जंगली हाथियों को पकड़ने और कंट्रोल करने जैसे मुश्किल अभियानों में किया जाता है.

अभिमन्यु ने पूरे भारत में 300 से ज्यादा हाथियों को पकड़ने के अभियानों में हिस्सा लिया है. इसके अलावा 80 से ज्यादा बाघों को पकड़ने के ऑपरेशन में भी उसकी भूमिका रही है. यानी जिस हाथी को लोग दशहरे की शान के तौर पर देखते हैं, उसने जंगलों में भी कई खतरनाक मिशनों में अहम भूमिका निभाई है.

भिमा भी इस बार जंबू सवारी से बाहर

इस बार एक और अनुभवी हाथी भिमा भी जंबू सवारी में शामिल नहीं होगा. 26 साल का भिमा फिलहाल ‘मस्त’ अवस्था में है. हाथियों में मस्त अवस्था के दौरान व्यवहार में काफी बदलाव आ सकता है, इसलिए उसे इस बार दशहरा ड्यूटी के लिए नहीं चुना गया. हालांकि, भिमा को रिजर्व में रखा गया है.



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