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यह प्रशासनिक चूक नहीं, आस्था पर चोट… राम मंदिर दानपेटी विवाद पर RSS सख्त

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कर्नाटक के बेलगावी में हुई प्रांत प्रचारक बैठक में आरएसएस ने अयोध्या राम मंदिर की दानपेटी में हुई कथित अनियमितता पर गहरा दुख जताया. संघ ने स्पष्ट किया कि यह करोड़ों भक्तों की आस्था से जुड़ा संवेदनशील विषय है. आरएसएस ने इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग करते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से भविष्य में दान और चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की अपेक्षा जताई है.

यह प्रशासनिक चूक नहीं, आस्था पर चोट... राम मंदिर दानपेटी विवाद पर RSS सख्तZoom

आरएसएस ने अपना रुख साफ किया.

नई दिल्‍ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक रविवार को कर्नाटक के बेलगावी में संपन्न हो गई. बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित देशभर से 226 वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए. बैठक में संगठन विस्तार, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम, जनगणना, नशा मुक्ति और सामाजिक अभियानों पर चर्चा हुई, लेकिन सबसे अहम विषय अयोध्या के राम मंदिर में दानपेटी की गिनती के दौरान सामने आई कथित अनियमितता रहा.

बैठक के बाद जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में संघ ने कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर में दानपेटी के चढ़ावे की गिनती में हुई अनियमितता की घटना पर सभी ने गहरा दुख व्यक्त किया. संघ ने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था से जुड़ा विषय है. इसलिए इसकी निष्पक्ष और जल्द जांच जरूरी है.

RSS ने भरोसा जताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर गठित SIT और पुलिस की जांच जल्द ही निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगी और पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी. संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

संघ ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से अपेक्षा जताई कि वह भविष्य में दान और चढ़ावे की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा सुरक्षित बनाए. प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि ऐसी कोई भी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए, जिससे देश-विदेश के करोड़ों राम भक्तों की राम मंदिर के प्रति श्रद्धा और गहरी आस्था को ठेस पहुंचे.

राम मंदिर के मुद्दे के अलावा बैठक में संघ के संगठनात्मक कार्यों की भी समीक्षा की गई. बताया गया कि मार्च 2026 के बाद देशभर में 83 संघ शिक्षा वर्ग और 12 कार्यकर्ता विकास वर्ग आयोजित किए गए, जिनमें 18,842 स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया. इन प्रशिक्षणों में शाखा संचालन, ग्राम विकास, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन और सामाजिक सेवा जैसे विषय शामिल रहे.

बैठक में सितंबर से देशभर में शाखा विस्तार अभियान को तेज करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई. संघ के शताब्दी वर्ष के तहत अब तक हुए कार्यक्रमों की समीक्षा की गई और शेष कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई. इन कार्यक्रमों के माध्यम से संपर्क में आए लोगों को पंच परिवर्तन और अन्य सामाजिक अभियानों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया. साथ ही डॉ. मोहन भागवत के 2026-27 के प्रवास कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई.

इसके अलावा बैठक में जनगणना, जनसंख्या असंतुलन, बढ़ते नशे के खतरे और संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. संघ ने समाज में बढ़ती नशे की समस्या पर चिंता जताते हुए नशा मुक्ति अभियान को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया.

हालांकि बैठक में कई संगठनात्मक और सामाजिक विषयों पर चर्चा हुई लेकिन राम मंदिर की दानपेटी में कथित गड़बड़ी पर RSS की सार्वजनिक चिंता और ट्रस्ट से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपेक्षा इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है.

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Sandeep GuptaChief Sub Editor

डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें



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