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ये जनता के टैक्स का पैसा..जामताड़ा में सड़क निर्माण पर बवाल, ग्रामीणों...


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समाजसेवी अकबर अंसारी ने आरोप लगाया कि आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तापूर्ण सड़क मिलनी चाहिए और किसी भी तरह की अनियमितता पर कार्रवाई होनी चाहिए.

ये जनता के टैक्स का पैसा..जामताड़ा में सड़क निर्माण पर बवाल, रुकवाया काम Zoom

सड़क निर्माण पर मचा हंगामा

जामताड़ा: झारखंड के जामताड़ा जिले की पंजनिया पंचायत में बन रही एक पीसीसी सड़क निर्माण योजना विवादों में घिर गई है. ग्रामीण विकास विभाग की ओर से करीब 20 लाख रुपये की लागत से डेराडीह से डुमरीकुहली तक सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं. आरोप है कि सड़क निर्माण में अनियमितता और भ्रष्टाचार किया जा रहा था. इसी को लेकर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को रोक दिया.

सड़क निर्माण में तय मानकों का पालन नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था. ढलाई के दौरान न तो विभाग का कोई अधिकारी मौजूद था और न ही ठेकेदार का प्रतिनिधि मौके पर दिखाई दिया. ऐसे में लोगों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर संदेह हुआ. ग्रामीणों का आरोप है कि जल्दबाजी में घटिया तरीके से सड़क बनाई जा रही थी, जिससे भविष्य में सड़क के खराब होने की आशंका बढ़ गई है.

निर्माण कार्य को लेकर विवाद
गौरतलब है कि इस सड़क योजना का शिलान्यास 3 मई 2026 को झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री और जामताड़ा विधायक डॉ. इरफान अंसारी ने किया था. सड़क निर्माण शुरू होने से लोगों को बेहतर आवागमन की उम्मीद थी, लेकिन अब निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.

निर्माण कार्य को लेकर विवाद
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि यह जनता के टैक्स का पैसा है. इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जाएगा. समाजसेवी अकबर अंसारी ने आरोप लगाया कि आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तापूर्ण सड़क मिलनी चाहिए और किसी भी तरह की अनियमितता पर कार्रवाई होनी चाहिए.

पूरे मामले की निष्पक्ष जांच
वहीं समाजसेवी सुभाष मिर्धा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण जिला उपायुक्त को लिखित शिकायत सौंपेंगे. पंचायत के मुखिया नरेंद्र मुर्मू ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य हर गांव को बेहतर सड़क सुविधा से जोड़ना है, लेकिन कुछ ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की कथित मिलीभगत से योजनाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है.

सहायक अभियंता मौके पर पहुंचे
मामले की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण विकास विभाग (आरईओ) के सहायक अभियंता मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का निरीक्षण किया. उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

सड़क निर्माण कार्य पर जनता का फैसला
फिलहाल ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, तब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा. इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग जांच के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें



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