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Google Earthquack Alert! गूगल ने वेनेजुएला में भूकंप से मची तबाही के ठीक पहले ही लोगों को इसके बारे में आगाह कर दिया था. गूगल के एक खास फीचर ने वेनेजुएला के नागरिकों को मोबाइल पर संदेश भेजकर इसकी जानकारी दी थी. वहां के सोशल मीडिया पर इस बारे में तमाम पोस्ट भी दिख रही है, जिसमें गूगल के नोटिफिकेशन के स्क्रीनशॉट शेयर किए गए हैं.
गूगल का खास फीचर भूकंप आने से पहले ही पहचान कर लेता है.
नई दिल्ली. वेनेजुएला में आए भूकंप ने हजारों करोड़ का नुकसान कराया और एक लाख से ज्यादा जिंदगियों को भी खत्म कर दिया. प्राकृतिक आपदाएं अक्सर इतनी तेजी से आती हैं कि बचाव का मौका ही नहीं मिलता. आज तकनीकी रूप से इतना विकास होने के बावजूद अक्सर इन अपदाओं से बचाव नहीं हो पाता. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि समय से पहले इन अपदाओं की सूचना नहीं मिल पाती है. लेकिन, गूगल ने एक ऐसा फीचर डेवलप किया है जो आपको भूकंप आने से कुछ समय पहले ही इसकी जानकारी दे देगा. वह भी बिजली की रफ्तार से यह जानकारी आप तक पहुंच जाएगी.
गूगल ने वेनेजुएला में भी जानलेवा भूकंप आने से पहले ही इसकी जानकारी लोगों के मोबाइल पर भेज दी थी. वहां के सोशल मीडिया पर तमाम लोगों ने इस मैसेज का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए दावा किया कि गूगल ने भूकंप आने से कुछ ही समय पहले इस बारे में जानकारी दे दी थी. सोशल मीडिया पर लोगों ने बताया है कि वेनेजुएला में दो भूकंप आए, जिसने वहां भीषण तबाही मचाई. इसमें पहले भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.4 थी, तो दूसरे की क्षमता 7.2 थी. गूगल ने इन दोनों ही भूकंप के आने से कुछ ही देर पहले लोगों के मोबाइल पर नोटिफिकेशन भेज दिया था.
क्या था गूगल अलर्ट में
वेनेजुएला में भूकंप आने से कुछ ही समय पहले गूगल ने मोबाइल यूजर्स को नोटिफिकेशन भेजकर बताया कि कितनी दूरी पर आपदा है और कब आने वाली है. गूगल ने अपने भूकंप अलर्ट में बताया है कि करीब 6.2 रिक्टर स्केल वाला भूकंप 341 किलोमीटर की दूरी पर है. लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस नोटिफिकेशन का स्क्रीन शॉट साझा करते हुए बताया है कि गूगल ने हर मोबाइल पर इस भूकंप से जुड़ी जानकारी साझा की थी.
लाइट की स्पीड से भेजता है अलर्ट
गूगल की भूकंप नोटिफिकेशन वाली सर्विस काफी खास है और यह डाटा जुटाने के बाद बिजली की गति से इसका संदेश लोगों के मोबाइल पर भेज दिया जाता है. गूगल की यह सर्विस आसपास के स्मार्टफोन की मदद से भूकंप की गति और दिशा का पता लगाता है. उसे जैसे ही भूकंप का पता चलता है लाइट की स्पीड से इसकी जानकारी मोबाइल पर भेज देता है. गूगल के पास 2 अरब मोबाइल फोन का नेटवर्क है, जिसके जरिये वह भूकंप के आंकडे़ जुटाता है. इसके बाद 2 तरह का नोटिफिकेशन भेजता है. एक हल्के भूकंप से जुड़ा और दूसरा तेज भूकंप से जुड़ा अलर्ट भेजा जाता है.
कैसे काम करता है यह फीचर
आजकल के आधुनिक मोबाइल फोन एक्स्लरोमीटर के साथ आते हैं, जो स्मार्टफोन की रोटेशन की पहचान करते हैं. फिर मोबाइल स्क्रीन को लैंडस्कैप मोड और नॉर्मल मोड में कन्वर्ट किया जाता है. यह फीचर वाइब्रेशन को भी डिटेक्स करता है और गूगल का सिस्टम इस सेंसर की मदद से भूकंप और फोन के वाइब्रेशन का पता लगाता है. गूगल का फीचर करोड़ों मोबाइल से इस डाटा को जुटाकर आकलन करता है कि यह वाइब्रेशन भूकंप का है या फिर मोबाइल का. एक बार भूकंप की पहचान हो जाने पर आसपास के मोबाइल पर लाइट की स्पीड से इसका संदेश भेजा जाता है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें