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रांची का 35 साल पुराना सैनिक मार्केट, यहां है भारत-पाकिस्तान युद्ध में...


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Ranchi Sainik Market:रांची का सैनिक मार्केट भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए समर्पित है. इस मार्केट की दुकानों से मिलने वाले किराए का उपयोग सैनिकों और उनके परिवारों की मदद के लिए किया जाता है. यहां लगभग 120 से 130 बड़ी -बड़ी दुकानें हैं. आइये जानते हैं इस मार्केट की खासियत के बारे में.

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रांची: झारखंड की राजधानी रांची का सैनिक मार्केट काफी पॉपुलर है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यहां पर जब आएंगे तो आपको भारत-पाकिस्तान युद्ध में इस्तेमाल किया हुआ टैंकर भी देखने को मिलेगा. जो यहां आकर्षण का केंद्र बना रहता है. दरअसल, इस मार्केट का नाम सैनिक मार्केट इसलिए है. क्योंकि यह भूतपूर्व सैनिकों की सुविधा और उनके कल्याण के लिए फंड जुटाने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की गई थी. आइये जानते हैं इस मार्केट के बारे में.

इस मार्केट में पिछले 23 साल से अपना दुकान लगाने वाले अमृतेश बताते हैं कि इस परिसर में जितनी भी दुकानें हैं. उससे जो भी किराया आता है. वह सैनिक कल्याण बोर्ड में जाता है और भूतपूर्व सैनिकों की मदद की जाती है. सैनिक कल्याण बोर्ड में सारे भूतपूर्व सैनिक हैं. जो पूरे मार्केट का संचालन करते हैं.

एक से बढ़कर एक हैं यहां दुकान

यहां पर जब आप आएंगे तो आपको खासतौर पर जूते की जबरदस्त कलेक्शन की दुकान देखने को मिलेगी. बड़े-बड़े ब्रांड की रिप्लिका जूते मिलती हैं. एक नजर में तो आप धोखा खा जाएंगे. वह भी मात्र 200- 1000 की रेंज में. इसके अलावा यहां पर कपड़ों की दुकान, बाइक रिपेयरिंग, कार एसेसरीज, रेस्टोरेंट, चाय की दुकान और रांची का सबसे बड़े दवाखाना आजाद फर्मा देखने को मिलेगा.

यहां पर करीबन 120- 130 दुकाने हैं. इन सभी के किराए से कई सारे कल्याण कार्य होते हैं. जैसे कि अगर कोई युद्ध में सैनिक मारे गए या बीच में विकलांग हो गये और नौकरी छोड़नी पड़ी या सैनिक के शहीद के बाद उनकी जो विधवा है उनको 10,000 तक हर महीने मदद दी जाती है. अगर कोई युद्ध में शहीद हो जाता है तो फौरन 2 लाख का मुआवजा मिलता है.

सैनिकों को मिलती है मदद

इसके अलावा जो भूतपूर्व सैनिक हैं, उनकी आर्थिक स्थिति खराब है, उनके घर के मरम्मत, रसोई का खर्च व घर के अन्य जरूरी चीजों के खर्च के लिए पैसे दी जाती है. वैसे सैनिक जिन्हें पेंशन नहीं मिल रही है. उनको हर महीने आर्थिक मदद दी जाती है. इस तरीके से यह रांची का इकलौता मार्केट है जो सिर्फ और सिर्फ सैनिकों के लिए समर्पित है. यह मार्केट 1991 में बनकर तैयार हुआ था और तब से यह रांची के सबसे लोकप्रिय मार्केट में से एक है.

About the Author

Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से  Hindi.News18.com<…

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