Last Updated:
Yashuraj Joshi Udaipur: उदयपुर के प्रतिभाशाली छात्र यशुराज जोशी ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) की जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) परीक्षा में अखिल भारतीय द्वितीय रैंक (AIR-2) हासिल कर इतिहास रच दिया है. उनकी इस शानदार उपलब्धि से न केवल उदयपुर बल्कि पूरे राजस्थान का नाम रोशन हुआ है. कड़ी मेहनत, अनुशासित तैयारी और दृढ़ संकल्प के दम पर यशुराज ने देशभर के प्रतिभागियों के बीच यह मुकाम हासिल किया. उनकी सफलता युवा विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह साबित करती है कि लगन और सही दिशा में की गई मेहनत से राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं.
Yashuraj Joshi Udaipur,
उदयपुर: उदयपुर के प्रतिभाशाली युवा यशुराज जोशी ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) की वर्ष 2026 की जूनियर रिसर्च फेलोशिप (मात्रात्मक अर्थशास्त्र) प्रवेश प्रक्रिया में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय रैंक प्राप्त कर शहर और पूरे राजस्थान का नाम रोशन किया है. देश की प्रतिष्ठित शोध प्रवेश परीक्षाओं में शामिल इस परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए यशुराज ने अपनी प्रतिभा और मेहनत का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है. संस्थान द्वारा जारी आधिकारिक मेरिट सूची में उनका पंजीकरण क्रमांक JQE-DH-E052 द्वितीय स्थान पर दर्ज है. इस उपलब्धि के साथ उन्हें भारतीय सांख्यिकी संस्थान की ओर से अनंतिम प्रवेश सीट का प्रस्ताव भी मिला है.
यशुराज जोशी उदयपुर के सृजनधर्मी शिक्षक एवं प्रस्तर शिल्पकार हेमन्त जोशी के पुत्र हैं. उन्होंने लिखित परीक्षा के साथ-साथ साक्षात्कार में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देशभर के प्रतिभागियों के बीच यह उल्लेखनीय सफलता हासिल की. भारतीय सांख्यिकी संस्थान की जूनियर रिसर्च फेलोशिप परीक्षा को अर्थशास्त्र और शोध के क्षेत्र की सबसे कठिन एवं प्रतिस्पर्धी प्रवेश परीक्षाओं में माना जाता है. इसमें सफल होने वाले विद्यार्थियों को मात्रात्मक अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उच्च स्तरीय शोध एवं अकादमिक करियर बनाने का अवसर मिलता है.
राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की
वर्तमान में नवरत्न कॉम्प्लेक्स, भुवाणा निवासी यशुराज की इस उपलब्धि से उनके परिवार, शिक्षकों, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है. शहर के शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने इसे उदयपुर के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यशुराज की सफलता स्थानीय विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी. उनका मानना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद समर्पण, अनुशासन और निरंतर अध्ययन के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं.
तैयारी करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं
अपनी सफलता पर यशुराज ने इसका श्रेय अपने माता-पिता, गुरुओं और निरंतर मेहनत को दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अनुशासन, नियमित अध्ययन और आत्मविश्वास सबसे महत्वपूर्ण होते हैं. यदि विद्यार्थी पूरी लगन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है. उन्होंने युवाओं से भी अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करते रहने का संदेश दिया.
देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गौरवान्वित
यशुराज की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और प्रबुद्ध वर्गों के प्रतिनिधियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है.लोगों ने विश्वास जताया कि वह शोध और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूते हुए न केवल उदयपुर और राजस्थान, बल्कि पूरे देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गौरवान्वित करेंगे.
About the Author
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें