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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर सवाल उठाए हैं. आखिर राज ठाकरे को पीएम मोदी की अपील से परेशानी क्या है. यह चर्चा का विषय बन गया है. पीएम मोदी ने लोगों से आर्थिक चुनौतियों और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए अपील की है.

पीएम मोदी ने लोगों से की है अपील.
नई दिल्ली. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर सवाल उठाए हैं. आखिर राज ठाकरे को पीएम मोदी की अपील से परेशानी क्या है. यह चर्चा का विषय बन गया है. पीएम मोदी ने लोगों से आर्थिक चुनौतियों और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए अपील की है कि वे सोने की खरीद कम करें, गैरजरूरी विदेश यात्राओं से बचें, पेट्रोल-डीजल की खपत घटाएं, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दें और कंपनियां वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्था अपनाएं.
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि लोगों को सोने की खरीद कम करनी चाहिए और अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचना चाहिए. उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने पर भी जोर दिया और कहा कि जहां संभव हो, लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं. इसके साथ ही उन्होंने कंपनियों और कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम संस्कृति को बढ़ावा देने की भी अपील की, ताकि ईंधन की बचत हो और ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके. प्रधानमंत्री का कहना है कि छोटी-छोटी बचतें देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं. उन्होंने लोगों से जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करने और जरूरत के मुताबिक ही खर्च करने को कहा.
पीएम की इस अपील के बाद राजनीतिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है. कुछ लोग इसे मौजूदा वैश्विक हालात में जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इस पर सवाल भी उठा रहा है. राज ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पूछा कि जब आम लोगों से खर्च कम करने को कहा जा रहा है, तो बड़े नेता और सरकारी तंत्र खुद ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं?
राज ठाकरे ने अपने पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सादगी और बचत की अपील की. लोग कम सोना खरीदें, गैरजरूरी विदेश यात्राएं टालें, ईंधन की खपत कम करें, इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ बढ़ें और जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम अपनाया जाए. ठाकरे का कहना है कि अगर देश आर्थिक दबाव से गुजर रहा है, तो इसकी शुरुआत सरकार और नेताओं को खुद से करनी चाहिए.
पीएम मोदी की अपील को कुछ लोग आर्थिक सतर्कता और ऊर्जा बचत की दिशा में जरूरी कदम मान रहे हैं, जबकि विपक्षी दल और कुछ क्षेत्रीय नेता इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने की कोशिश बता रहे हैं. सवाल उठता है कि आखिर पीएम की अपील से राज ठाकरे क्या परेशानी हो रही है, जबकि इस घड़ी में आम लोग देश के साथ खड़े होने को तैयार हैं.
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करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें