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राहुल गांधी ने इंस्टाग्राम आस्क मी एनिथिंग सेशन में बीजेपी नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना पसंदीदा नेता बताया और उन्हें अंकल अमरिंदर कहा. इस बयान के पीछे गांधी परिवार और पटियाला राजघराने का दशकों पुराना पारिवारिक रिश्ता है. हालांकि, पंजाब कांग्रेस में कलह और 2021 में मुख्यमंत्री पद से ‘अपमानजनक’ विदाई के बाद कैप्टन ने कांग्रेस छोड़ दी थी. इसके बावजूद राहुल गांधी का यह जवाब राजनीतिक कड़वाहट से परे व्यक्तिगत रिश्तों का सम्मान दर्शाता है.
राहुल गांधी ने अमरिंदर सिंह का नाम लिया.
राहुल गांधी ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर Gen-Z और छात्रों के साथ एक ‘आस्क मी एनिथिंग’ सेशन आयोजित किया. जब उनसे उनके पसंदीदा बीजेपी नेता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बिना झिझके पूर्व कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम लिया और उन्हें “अंकल अमरिंदर” कहकर संबोधित किया. यह जवाब राजनीतिक गलियारों में बेहद दिलचस्प माना जा रहा है क्योंकि कैप्टन अमरिंदर सिंह वही नेता हैं जिन्हें पंजाब में कांग्रेस के भीतर भारी कलह के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था और बाद में उन्होंने पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था.
गांधी परिवार और पटियाला राजघराने का ऐतिहासिक रिश्ता
राहुल गांधी का कैप्टन अमरिंदर सिंह को अंकल कहना महज औपचारिक सम्मान नहीं है बल्कि इसके पीछे दोनों परिवारों का दशकों पुराना गहरा संबंध है:
• राजीव गांधी और कैप्टन की दोस्ती: कैप्टन अमरिंदर सिंह और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी (राहुल गांधी के पिता) देहरादून के दून स्कूल में एक साथ पढ़ते थे. दोनों के बीच बेहद गहरी और पारिवारिक दोस्ती थी. राजीव गांधी के कहने पर ही कैप्टन अमरिंदर पहली बार सक्रिय राजनीति में आए और 1980 में कांग्रेस के टिकट पर सांसद बने थे.
• पारिवारिक निकटता: राहुल गांधी बचपन से ही कैप्टन अमरिंदर सिंह को देखते आ रहे हैं. गांधी परिवार में उन्हें हमेशा एक वरिष्ठ पारिवारिक सदस्य जैसा दर्जा मिला. यही वजह है कि राजनीतिक रास्ते अलग होने के बावजूद राहुल उन्हें आज भी “अंकल” कहकर पुकारते हैं.
पंजाब कांग्रेस में मतभेद और पार्टी से विदाई
हालांकि ऐतिहासिक रिश्ते मजबूत थे लेकिन 2021 में राजनीतिक हालात पूरी तरह बदल गए:
• अमरिंदर सिंह की विदाई (2021): पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू के साथ जारी अंदरूनी खींचतान और हाईकमान के हस्तक्षेप के बाद सितंबर 2021 में कैप्टन अमरिंदर सिंह को पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.
• अपमान और इस्तीफे का दर्द: इस्तीफा देने के बाद कैप्टन ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे खुद को ‘अपमानित’ महसूस कर रहे हैं और कांग्रेस हाईकमान (राहुल-प्रियंका) ने उनके साथ सही बर्ताव नहीं किया.
• बीजेपी में शामिल होना: कांग्रेस छोड़ने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी (पंजाब लोक कांग्रेस) बनाई और बाद में सितंबर 2022 में इसका बीजेपी में विलय कर दिया.
राहुल गांधी के इस जवाब के राजनीतिक मायने
1. व्यक्तिगत रिश्तों को राजनीति से अलग रखना: राहुल गांधी ने यह जताने की कोशिश की है कि वैचारिक और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद वे पुराने पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंधों का सम्मान करते हैं.
2. Gen-Z से जुड़ने का आक्रामक अंदाज़: इस बेबाक जवाब के ज़रिए राहुल गांधी ने युवाओं के बीच अपनी सहज और ईमानदार छवि पेश करने की कोशिश की, जहाँ वे राजनीतिक कड़वाहट के बजाय व्यक्तिगत जुड़ाव को प्राथमिकता देते हैं.
3. अतीत का स्वीकार: जिस नेता की कांग्रेस से विदाई विवादों में घिरी रही, उसी का नाम लेना यह दिखाता है कि राहुल गांधी अतीत के राजनीतिक विवादों को व्यक्तिगत रिश्तों के आड़े नहीं आने देना चाहते.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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