रांची | बहुचर्चित रिम्स की जमीन के साथ फर्जीवाड़ा करने को लेकर दर्ज मामले में जेल में बंद आरोपी राजेश झा और चेतन कुमार की जमानत याचिका पर गुरुवार को एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया। अदालत अपना सुरक्षित आदेश 21 मई को सुनाएगी। वहीं, सुमित्रा कुमारी बड़ाइक की अग्रिम जमानत याचिका पर भी सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत 21 मई को ही आदेश सुनाएगी। दोनों ने 21 अप्रैल को जमानत की गुहार लगाई है। मामले में एसीबी ने 7 अप्रैल को राजकिशोर बड़ाइक, कार्तिक बड़ाइक, राजेश झा और चेतन कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सभी ने आपसी मिलीभगत से रिम्स की अधिग्रहीत जमीन को निजी संपत्ति दिखाने के लिए फर्जी वंशावली तैयार की। यह मामला वर्ष 1964-65 में अधिग्रहित करीब 9.65 एकड़ जमीन से जुड़ा है, जिस पर अवैध रूप से अपार्टमेंट, दुकान और मकान बना लिए गए थे। झारखंड हाई कोर्ट के सख्त निर्देश के बाद एसीबी ने 5 जनवरी 2026 को प्राथमिकी दर्ज की थी।
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