भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

लाश के पास तेंदुए के पंजे बनाकर बोला, साहब जानवर ने मारा...


होमताजा खबरदेश

लाश के पास तेंदुए के पंजे… लेकिन कातिल निकला गार्ड, सिर्फ 7 लाख के लिए मारा

Last Updated:

यह मामला वाकई किसी थ्रिलर फिल्म की तरह है, जहां कातिल ने कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक तेंदुए को मोहरा बनाने की कोशिश की।

लाश के पास तेंदुए के पंजे... लेकिन कातिल निकला गार्ड, सिर्फ 7 लाख के लिए मारा Zoom

ये तस्वीर सिर्फ क्राइम सीन को समझने के लिए यूज की गई है.

कर्नाटक के मैसूरु से एक ऐसा हैरान करने वाला क्राइम केस सामने आया है, जिसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए हैं. एक शातिर कातिल ने 63 वर्षीय बुजुर्ग महिला की बेरहमी से हत्या कर दी और इस खूनी गुनाह को छिपाने के लिए इलाके में ‘तेंदुए के हमले’ का खौफनाक नाटक रच डाला. कातिल ने बाकायदा खेत की मिट्टी पर लकड़ी की डंडी से तेंदुए के नकली पंजों के निशान तक बना दिए ताकि पुलिस और वन विभाग को गुमराह किया जा सके. लेकिन कातिल की एक छोटी सी लालच और पुलिस की पैनी नजरों ने महज 5 दिनों के भीतर इस ‘परफेक्ट मर्डर’ की धज्जियां उड़ा दीं.

टहनी से बनाए तेंदुए के पंजे
इस सनसनीखेज वारदात को मैसूरु जिले के कसुविनाहल्ली गांव के पास एक खेत में अंजाम दिया गया. गिरफ्तार आरोपी की पहचान 58 वर्षीय महादेवप्पा के रूप में हुई है, जो एक स्थानीय खेत में सुरक्षा गार्ड का काम करता था.

जब पुलिस को खेत में 63 वर्षीय शिवारुद्रम्मा की लाश मिली, तो उनके शरीर पर चोट के निशान थे. आरोपी महादेवप्पा ने तुरंत कहानी गढ़ी कि महिला पर तेंदुए ने हमला किया है. अपनी कहानी को सच साबित करने के लिए शातिर दिमाग गार्ड ने एक पेड़ की टहनी उठाई और लाश के आसपास की गीली मिट्टी पर उसे इस तरह घसीटा जिससे वो किसी जंगली जानवर या तेंदुए के पंजों के निशान लगें.

कहां घूमा शक का कांटा?
कातिल ने स्क्रिप्ट तो अच्छी लिखी थी, लेकिन वह पुलिस के अनुभव के आगे फेल हो गई. नंजनगुड ग्रामीण पुलिस और वन विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची, तो उन्हें दो बातों पर शक हुआ.

गहने गायब थे: शिवारुद्रम्मा के शरीर से करीब 7.5 लाख रुपये की कीमत के सोने और चांदी के आभूषण गायब थे. इनका वजन करीब 53 ग्राम था. पुलिस ने सोचा कि तेंदुआ इंसान को मार सकता है, लेकिन उसके सोने के गहने उतारकर नहीं ले जा सकता.

इलाके का ट्रैक रिकॉर्ड: उस खास इलाके में पिछले लंबे समय से किसी तेंदुए या जंगली जानवर के मूवमेंट की कोई खबर नहीं थी. अचानक तेंदुए का हमला होना गले नहीं उतर रहा था.

पुलिस ने जब गांव वालों से पूछताछ की, तो पता चला कि वारदात वाले दिन शिवारुद्रम्मा को आखिरी बार गार्ड महादेवप्पा के साथ देखा गया था. बस फिर क्या था, पुलिस ने महादेवप्पा को हिरासत में लिया और कड़क पूछताछ शुरू कर दी.

img

खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव

QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें

QR Code



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top