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रिम्स के पूर्व निदेशक डॉ. राजकुमार के पद छोड़ने के बाद अब उनके बेटे ऋषभ कुमार एक बार फिर विवादों में हैं। रिम्स के मास्टर ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन (एमएचए) विभाग में ट्यूटर के पद पर कार्यरत ऋषभ कुमार ने कथित तौर पर बिना इस्तीफा दिए लखनऊ के एक निजी मेडिकल कॉलेज में सहायक प्राध्यापक और डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट के रूप में योगदान दे दिया है। रिम्स प्रबंधन का कहना है कि अब तक ऋषभ कुमार का इस्तीफा नहीं मिला है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग इसे सेवा नियमों के उल्लंघन के रूप में देखते हुए विभागीय कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। डॉ. राजकुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट से दी जानकारी ऋषभ के नई नौकरी की पुष्टि पूर्व निदेशक डॉ. राजकुमार की सोशल मीडिया पोस्ट से भी हुई है। उन्होंने फेसबुक अकाउंट पर लखनऊ लौटने और एक निजी मेडिकल कॉलेज में सेवा शुरू करने की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि उनके पुत्र ऋषभ कुमार ने भी उसी संस्थान में सहायक प्राध्यापक एवं डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट के रूप में योगदान दिया है। इस्तीफा नहीं मिला: प्रभारी निदेशक
एमएचए विभाग में कार्यरत ऋषभ कुमार का इस्तीफा प्रबंधन को नहीं मिला है। करीब एक माह पहले छुट्टी का आवेदन देकर गए थे। यदि उन्होंने कहीं योगदान दिया है और उसका प्रमाण मिलता है तो उन्हें बर्खास्त कर नियमानुसार कार्रवाई होगी। -डॉ. डी.के. सिन्हा, प्रभारी निदेशक, रिम्स कोर्ट में मामला विचाराधीन: सचिव मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट के निर्देश पर ही उम्मीदवार ने योगदान दिया था। यदि उन्होंने बिना इस्तीफा दिए दूसरे संस्थान में योगदान दिया है तो यह कोर्ट को भी गुमराह करने जैसा है। इस तथ्य से कोर्ट को अवगत कराया जाएगा। -अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव
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