भास्कर न्यूज | गढ़वा विश्व मच्छर दिवस के अवसर पर गुरुवार को सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में अंतर-विभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले को मलेरिया समेत अन्य मच्छर जनित बीमारियों से मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ पंचायती राज, शिक्षा, नगर परिषद, समाज कल्याण, पेयजल एवं स्वच्छता और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के समन्वित प्रयासों पर जोर दिया गया। इस वर्ष विश्व मच्छर दिवस की थीम “एक अधिक न्यायसंगत दुनिया के लिए मलेरिया के खिलाफ लड़ाई को तेज करना” रखी गई है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सिविल सर्जन डॉ. जे. एफ. कैनेडी ने कहा कि मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया और जापानीज इंसेफेलाइटिस जैसे वैक्टर जनित रोगों से बचाव के लिए जन-जागरूकता के साथ व्यवहार में बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि मच्छरों से होने वाले वैक्टर जनित रोगों के कारण विश्वभर में प्रतिवर्ष 10 लाख से अधिक लोगों की मौत होती है। ऐसे में मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना और समय पर बीमारी की पहचान बेहद महत्वपूर्ण है। सिविल सर्जन ने लोगों से घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सप्ताह में एक दिन ‘ड्राई डे’ के रूप में मनाकर कूलर, गमले, टायर, बर्तन और अन्य पानी जमा करने वाले स्थानों की सफाई की जाए। मानसून के दौरान मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति पर विशेष निगरानी जरूरी है। सिविल सर्जन ने कहा कि “वैक्टर फ्री गढ़वा” का लक्ष्य केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए सभी विभागों और आम नागरिकों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. पुष्पा सहगल ने ड्राई डे अभियान को प्रभावी बनाने और व्यापक जन-जागरूकता चलाने पर बल दिया। उन्होंने लार्वा विनिष्टीकरण अभियान में तेजी लाने की आवश्यकता बताई, ताकि मच्छरों के प्रजनन चक्र को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सके। बैठक में लोगों को सोते समय अनिवार्य रूप से लॉन्ग लास्टिंग इंसेक्टिसाइडल नेट (एलएलआईएन) यानी कीटनाशकयुक्त मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने कहा कि बुखार आने पर लापरवाही न बरतें और तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। साथ ही घरों और आसपास मच्छरों के पनपने वाले स्थानों की पहचान कर उन्हें नष्ट करने पर जोर दिया गया। अंतर-विभागीय बैठक में निर्णय लिया गया कि स्कूल और कॉलेजों में विद्यार्थियों के बीच मच्छर जनित बीमारियों के कारण, लक्षण, बचाव और रोकथाम के उपायों की जानकारी दी जाएगी। संबंधित विभाग अपने स्तर पर प्रचार-प्रसार अभियान चलाते हुए जलजमाव रोकने, स्वच्छता बनाए रखने और मच्छरों के लार्वा विनिष्टीकरण में सहयोग करेंगे।
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