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झारखंड के 750 करोड़ रुपए के चर्चित शराब घोटाले की जांच एसीबी ने फिर तेज कर दी है। पिछले 14 महीनों में 18 गिरफ्तारियां होने के बावजूद चार्जशीट दाखिल नहीं होने से सभी आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिल चुकी है। अब एसीबी ने एक सप्ताह में 11 आरोपियों को पूछताछ के लिए तलब किया है। तीन से मंगलवार को पूछताछ के बाद बुधवार को पांच और लोगों को समन जारी किया गया। जेएसबीसीएल के आईटी मैनेजर अमर कुमार मेहता को 7 अगस्त को बुलाया गया है। वहीं, पूर्व में जारी समन का पालन न करने वाले शराब कारोबारियों और अधिकारियों को 10 अगस्त को पुनः तलब किया गया है। जिन्हें समन किया गया है उनमें जतिन सहाय (निदेशक, फ्लोरेंस हेल्थकेयर एंड रिसर्च सेंटर प्रा. लि.), विकास अग्रवाल, मनोज तिवारी एवं अरुण गौर (निदेशक, ए-टू-जेड इंफ्रा सर्विसेज लिमिटेड) शामिल है। आज पूर्व आबकारी सचिव व नेक्सजेन सीईओ होगी पूछताछ एसीबी ने 6 अगस्त को छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड के पूर्व प्रबंध निदेशक और छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के पूर्व विशेष सचिव अरुणपति त्रिपाठी को फिर से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इसके अलावा नेक्सजेन सॉल्यूशन प्रा. लि. के सीईओ अरुण कुमार सिंह को कंपनी के अनुबंधों, वित्तीय लेनदेन और व्यावसायिक संबंधों के सत्यापन के लिए बुलाया गया है। पूर्व में समन की अवहेलना करने वाले श्यामजी शरण को भी गुरुवार को एसीबी में हाजिर होने का अंतिम निर्देश जारी किया गया है। आगे क्या… तकनीकी व वित्तीय धांधली का होगा पर्दाफाश जेएसबीसीएल के आईटी मैनेजर से पूछताछ के बाद यह साफ हो जाएगा कि ट्रैकिंग सिस्टम में किस स्तर पर बदलाव कर अवैध शराब की सप्लाई या घोटाले को अंजाम दिया गया। 10 अगस्त को यदि समन का पालन नहीं किया गया या पूछताछ में सहयोग नहीं मिला, तो एसीबी गैर-जमानती वारंट और गिरफ्तारी जैसे कदम उठा सकती है।
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