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भास्कर न्यूज | सिमडेगा जिले में रक्तदान महादान का संदेश व्यावहारिक धरातल पर प्रभावी होता दिख रहा है। एक अनुमान के अनुसार विभिन्न संगठनों के बैनर तले लगभग 1700 से अधिक रक्तदाता नियमित रक्तदान करते हुए गंभीर स्थिति के मरीजों की जीवन रक्षा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। जानकारी के अनुसार रेड क्रॉस सोसाइटी अघोर रक्तदान सेवा समिति के लगभग 1000, अलफलाह सोसाइटी ब्लड डोनर ग्रुप के लगभग 300, छोटानागपुरिया तेली उत्थान समाज रक्तदाता समूह के 262 और ब्लड डोनर ग्रुप नामक व्हाट्सएप ग्रुप के लगभग 70 सदस्य सक्रियता पूर्वक रक्तदान करते रहे हैं। वर्तमान में पांच- छः अन्य व्हाट्सएप ग्रुप और विभिन्न सस्थाएँ रक्तदान को लेकर सक्रिय हैं। जिससे गंभीर स्थिति के मरीजों के परिजनों को बड़ी राहत मिल रही है। 1782 यूनिट रक्तदान रक्तदान के क्षेत्र में वर्ष 2017 में गठित छोटानागपुरिया तेली उत्थान समाज रक्तदाता समूह भी अहम भूमिका निभा रहा है। समूह के अध्यक्ष जगदीश साहू ने बताया कि 262 सदस्यों में अधिकतर ब्लड ग्रुप के रक्तदाता शामिल है। समूह ने अब तक 1782 यूनिट रक्तदान किया है। व्हाट्सएप ग्रुप भी निभा रहे हैं खास भूमिका वहीं रक्तदान के क्षेत्र में व्हाट्सएप ग्रुप भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इससे मरीज को रक्त की जरूरत से संबंधित संदेश तेजी से रक्तदाताओं तक पहुंच रहा है। ब्लड डोनर ग्रुप के नरेश शर्मा, विनीत मित्तल, प्रेम गिरी, मुरारी बामलिया, प्रकाश बंसल आदि इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 1983 से सक्रिय है समिति : 1983 ई में गठित श्री अघोर रक्तदान सेवा समिति और वर्ष 2004 में गठित रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव मोहन सिंह नाम जिले में प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि समिति की ओर से कोरोना के समय 300 यूनिट रक्तदान किया गया था। अबतक हजारों यूनिट रक्तदान किया जा चुका है। बताया कि समिति में ए बी पॉजिटिव और ए बी नेगेटिव जैसे रेयर ब्लड ग्रुप वाले 30- 35 सदस्य भी हैं। आनंद ने 106 बार किया है रक्तदान जिले में कई ऐसे रक्तदाता हैं, जिन्होंने अपने कार्य से अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित किया है। श्री रामजानकी मंदिर गली निवासी आनंद जैन अबतक 106 बार रक्तदान कर चुके हैं, इसके लिए उन्हें विभिन्न संस्थाओं द्वारा कई पुरस्कार मिले हैं। वहीं मोहन सिंह ने स्वयं 44 बार रक्तदान किया है। जिले के युवाओं में भगवती होटल के राजेश शर्मा, जयविकास सिंह, नितेश कुमार सिंह, धीरज कुमार सिंह, अनिल कुमार साहू, तुलसी साहू, धीरेंद्र प्रसाद, छक्कन कुमार साहू ने अबतक 15 से 20 बार रक्तदान किया है। रक्त जांच रिम्स जाने से परेशानी राज्य सरकार द्वारा हाल में दिए गए निर्देश के अनुसार रक्त संग्रह कर उसका नमूना रिम्स में भेजा जा रहा है और वहां से स्वीकृति मिलने में लगभग दो दिन का समय लग जाता है। इसे लेकर लोगों ने परेशानी का इजहार किया है। मालूम हो कि चाईबासा में मरीज को संक्रमित रक्त चढ़ा दिए जाने की घटना के बाद सरकार ने रक्त चढ़ाने से पहले रिम्स में इसकी जांच के निर्देश दिए हैं।
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