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Paddy Planting Protest: पलामू के मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र में जर्जर बाईपास सड़क के खिलाफ युवाओं ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया. बैरिया चौक के पास सड़क पर बने गड्ढों में बारिश का पानी और कीचड़ जमा होने के बाद युवाओं ने उसी सड़क पर धान की रोपाई कर दी. समाजसेवी आशीष भारद्वाज के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में युवाओं ने कहा कि सड़क की हालत खेत जैसी हो गई है, इसलिए यहां धान ही रोप देते हैं. उनका आरोप है कि नगर निगम को सड़क की बदहाल स्थिति की जानकारी पहले भी दी गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ. युवाओं ने चेतावनी दी है कि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो वे सड़क पर बैठकर आंदोलन करेंगे.
पलामू: आमतौर पर धान की रोपाई खेतों में होती है. लेकिन पलामू में युवाओं ने बीच सड़क पर धान रोपकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा. सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के बीच युवा धान के पौधे लेकर पहुंचे. इसके बाद देखते ही देखते जर्जर सड़क को धान के खेत में तब्दील कर दिया. आखिर युवाओं को बीच सड़क धान रोपने की जरूरत क्यों पड़ी? इसके पीछे सड़क की बदहाल स्थिति है. युवाओं का कहना है कि सड़क पर इतने गड्ढे हो गए हैं कि बारिश के बाद यह सड़क कम और खेत ज्यादा नजर आती है. इसी समस्या को जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए युवाओं ने विरोध का यह अनोखा तरीका अपनाया.
शहर की महत्वपूर्ण सड़क बनी धान का खेत
दरअसल, पूरा मामला मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र के बैरिया चौक के पास से गुजरने वाली बाईपास रोड का है. बैरिया चौक शहर के प्रमुख चौकों में शामिल है. यहां से बड़े शहरों और दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले वाहनों का लगातार आवागमन होता है. यह सड़क पलामू को दूसरे बड़े क्षेत्रों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. रोजाना बड़ी संख्या में छोटे और बड़े वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं. इसके बावजूद सड़क की स्थिति इन दिनों बेहद खराब हो चुकी है. सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं. कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है. बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाता है. ऐसे में वाहन चालकों के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां है.
गड्ढों में पानी भरने से बढ़ी परेशानी
समाजसेवी आशीष भारद्वाज ने लोकल18 को बताया कि बाईपास सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं. बारिश होने के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाता है. इससे सड़क और गड्ढे के बीच का अंतर समझना मुश्किल हो जाता है. इस स्थिति में वाहन चालकों और राहगीरों को काफी परेशानी होती है. कई बार लोग गड्ढों में गिरकर दुर्घटना का शिकार भी हो चुके हैं. कई लोग घायल होकर अस्पताल तक पहुंच चुके हैं. भारी वाहनों के लगातार गुजरने से सड़क की स्थिति और खराब होती जा रही है. बारिश के दौरान परेशानी और बढ़ जाती है. दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता खास तौर पर खतरनाक हो जाता है.
सूचना के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
आशीष भारद्वाज ने बताया कि सड़क की जर्जर स्थिति की जानकारी नगर निगम कार्यालय को पहले भी दी जा चुकी है. स्थानीय लोगों की ओर से समस्या को लेकर अधिकारियों को जानकारी दी गई है. इसके बावजूद अब तक सड़क की स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है.लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत नहीं होने से रोजाना परेशानी बढ़ती जा रही है. राहगीरों और वाहन चालकों को अपनी जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से गुजरना पड़ता है. इसी समस्या से नाराज होकर युवा समाजसेवी आशीष भारद्वाज के नेतृत्व में युवाओं ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया. वे धान के पौधे लेकर सड़क पर पहुंचे. इसके बाद सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के बीच धान की रोपाई शुरू कर दी.
‘सड़क नहीं तो धान ही सही’
युवाओं ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में इन दिनों किसान खेतों में धान की रोपाई कर रहे हैं. वहीं बैरिया चौक की सड़क की हालत भी कुछ ऐसी ही हो गई है. सड़क पर पानी और कीचड़ जमा है. जगह-जगह गड्ढे हैं. इसी को देखते हुए युवाओं ने कहा, ‘सड़क नहीं तो धान ही सही.’ इसके बाद उन्होंने सड़क पर धान के पौधे रोपे. युवाओं का कहना है कि जब सड़क की हालत खेत जैसी हो गई है तो यहां धान ही रोप देते हैं. इससे जिम्मेदार अधिकारियों को सड़क की वास्तविक स्थिति समझने में आसानी होगी. उनका उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं है. वे चाहते हैं कि उनकी समस्या प्रशासन और नगर निगम तक गंभीरता से पहुंचे. इस अनोखे विरोध प्रदर्शन को देखने के लिए आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे. लोगों ने युवाओं के इस तरीके की चर्चा की. कई लोगों ने सड़क की खराब स्थिति को लेकर अपनी परेशानी भी बताई.
जरूरत पड़ी तो करेंगे आंदोलन
आशीष भारद्वाज ने कहा कि नगर आयुक्त और उपायुक्त को लिखित आवेदन देकर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की जाएगी. उन्होंने कहा कि फिलहाल धान रोपकर सांकेतिक विरोध जताया गया है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इसके बाद भी सड़क की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जरूरत पड़ने पर इसी सड़क पर बैठकर आंदोलन किया जाएगा. युवाओं का कहना है कि प्रशासन को अब इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए. युवाओं की मांग है कि बैरिया चौक समेत मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र की सभी जर्जर सड़कों की जल्द मरम्मत कराई जाए. उनका कहना है कि शहर की महत्वपूर्ण सड़कों की ऐसी स्थिति लोगों के लिए परेशानी के साथ-साथ दुर्घटना का भी कारण बन रही है.
जर्जर सड़कों की समस्या
विरोध प्रदर्शन के दौरान विकास दुबे, दीपक प्रसाद, अंकित आरंभ, आकाश विश्वकर्मा, दिलीप गिरी, मनीष तिवारी, सुजीत कुमार, सूरज सिंह, रिशु दुबे, बोनल समेत कई युवा मौजूद रहे. युवाओं के इस अनोखे विरोध ने एक बार फिर जर्जर सड़कों की समस्या को सामने ला दिया है. अब देखना होगा कि इस प्रदर्शन के बाद नगर निगम और प्रशासन की ओर से सड़क की मरम्मत को लेकर क्या कदम उठाया जाता है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…
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