Agency:एजेंसियां
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वेस्ट एशिया में युद्ध जैसे हालात, समुद्री रास्तों पर खतरा और पूरी दुनिया में ईंधन सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता के बीच भारत ने बड़ा भरोसा दिखाया है. सरकार ने न सिर्फ 3,300 से ज्यादा भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी कराई, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है. संकट के बीच भारत का यह मैरिटाइम और सप्लाई मैनेजमेंट अब उसकी बड़ी ताकत बनकर सामने आया है.
जंग के बीच से अपनों को बचा लाया भारत.
भारत ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. सेंट्रल पोर्ट मिनिस्ट्री ने गुरुवार को बताया कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और अब तक 3,300 से ज्यादा भारतीयों को सफलतापूर्वक स्वदेश वापस लाया जा चुका है. इनमें सिर्फ पिछले 72 घंटों में 99 नाविकों की सुरक्षित वापसी शामिल है. मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगला ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि पिछले तीन दिनों में किसी भी भारतीय-ध्वज वाले जहाज या भारतीय क्रू वाले विदेशी जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है. यह स्थिति ऐसे समय में राहत देने वाली है जब क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव के कारण समुद्री गतिविधियों पर लगातार दबाव बना हुआ है.
सरकार के मुताबिक, हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और संकट के दौरान प्राप्त संचार की मात्रा भी बेहद अधिक रही है. पिछले 72 घंटों में मंत्रालय को 404 कॉल और 903 ईमेल प्राप्त हुए, जिनका त्वरित समाधान किया गया. यह दिखाता है कि संकट की स्थिति में भी भारत का मैरिटाइम मैनेजमेंट सिस्टम सक्रिय और जवाबदेह तरीके से काम कर रहा है.
क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुकेश मंगला ने यह भी बताया कि वर्तमान में 13 भारतीय-ध्वज वाले जहाज और एक भारतीय स्वामित्व वाला जहाज इस पूरे क्षेत्र में ऑपरेशन में हैं. इन जहाजों के लिए भोजन, ईंधन और जरूरी आपूर्ति की व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार नजदीकी बंदरगाहों के जरिए की जा रही है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. सबसे अहम बात यह रही कि भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग से जहाजों को भेजने पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. सरकार विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है और हालात अनुकूल होने पर ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी.
शिपिंग रूट बाधित
यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष ने वैश्विक समुद्री व्यापार को प्रभावित किया है. इस टकराव के कारण कई जगहों पर शिपिंग रूट बाधित हुए और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगभग ब्लॉकेड जैसी स्थिति बन गई थी. हालांकि अब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की प्रक्रिया शुरू होने से हालात में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.
ईंधन आपूर्ति पूरी तरह स्थिर
भारत के लिए राहत की बात यह भी है कि समुद्री संकट के बावजूद देश में ईंधन आपूर्ति पूरी तरह स्थिर बनी हुई है. सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक देशभर में उपलब्ध है और किसी भी तरह की कमी की आशंका नहीं है.
इसके साथ ही LPG वितरण प्रणाली में भी बड़ा सुधार देखा गया है. अब लगभग 96 प्रतिशत घरेलू LPG सिलेंडर डिलीवरी Authentication Code आधारित सिस्टम से हो रही है, जिससे गैस के दुरुपयोग और अवैध वितरण पर काफी हद तक रोक लगी है. वहीं, MYPNGD.in पोर्टल के जरिए 58,500 से अधिक PNG उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से अपने LPG कनेक्शन सरेंडर किए हैं, जो ऊर्जा वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
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Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें